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सिलेंडर ब्लास्ट: झुलसी मां ने भी तोड़ा दम, तीन मासूम बच्चों की घटनास्थल पर हुई थी मौत

मुजफ्फरपुर

मीनापुर थाना क्षेत्र के नंदना गांव में सिलेंडर विस्फोट में तीन बच्चों की मौत के बाद उनकी मां ने भी देर रात दम तोड़ दिया। मृत महिला की पहचान अशोक साह की पत्नी शोभा देवी (27) जबकि मृत बच्चों की पहचान दीपांजलि कुमारी (6), आदित्य, (4) और विवेक (2) के रूप में हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद चारों शव परिजन के हवाले कर दिए जाएंगे। अस्पताल पहुंची मृत की सास सामरिया देवी ने बताया कि उसका बेटा अशोक साह दिल्ली में काम करता है। वह घर के लिए निकल चुका है। परिवार में पोत-पोतियों और बहू की मौत के बाद सामरिया देवी की भी हालत खराब थी। वह बार-बार बेसुध हो रही थी।

श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज के बर्न वार्ड में चारों को भर्ती किया गया था। बच्चों की हालत काफी नाजुक थी। वे 90% से अधिक जले हुए थे। महिला भी 75% से अधिक झुलसी हुई थी। उसे ICU में भर्ती किया गया था। देर रात करीब एक बजे उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टर की माने तो 75% से अधिक जलने वाले केस में बचाना काफी मुश्किल होता है।

सास सोमरिया देवी ने कहा, “सांझ में हमरा पूतोह कहलक की हाट चल जाऊ। सब्जी कुछो ले लेम। हमरा जायके मन न रहे। पोता साथे खेलैत रही, लेकिन पूतोह दु बार कहलक। तब झोला लेके हम चल गेली। हुआं से अएली त देखली की घर जरैत है। पूतोह-पोता पोती सब के देह में आग लागल है। करेजा पिटे लगली। लोग सब हमरा पकड़ लेलक। ओकरा बाद हॉस्पिटल में लायल गेल। इहां पर तीनों बच्चा मर गेलइ’।

“शाम में पतोहू ने कहा कि हाट जाकर सब्जी ले आओ। मेरा जाने का मन नहीं था, पोते के साथ खेल रही थी, लेकिन पतोहू ने दो बार कहा तो मैं झोला ले कर गई। वहां से लौटा तो देखा कि घर जल रहा है। पतोहू और पोता-पोती सब जल गए हैं। मैं छाती पीटने लगी। लोगों ने मुझे पकड़ लिया। उसके बाद हॉस्पिटल में लाए, यहां तीनो बच्चों की मौत हो गई।”

रिश्तेदार विजय साह ने बताया कि बच्चों के शरीर से आग बुझाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने पॉलिस्टर से बने कपड़े पहने थे। आग लगने के कारण कपड़ा शरीर में चिपक गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बच्चे पूरी तरह जल चुके थे। डॉक्टर का कहना है कि कभी भी बच्चों या किसी को भी पॉलिस्टर वाले कपड़े न पहनाएं। यह आग को तेजी से पकड़ता है। पकड़ने से बाद बुझाना भी मुश्किल होता है।

सोमवार शाम शोभा देवी अपने तीन बच्चों के लिए गैस पर दूध गर्म कर खाना बना रही थी। इसी दौरान पाइप से गैस लीक करने लगा। अचानक से आग फैल गई। बच्चे वहीं पर बैठे थे। आग ने मां समेत तीनों बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और सभी को SKMCH लेकर पहुंचे। इलाज शुरू होते ही तीनों बच्चों की मौत हो गई। फिर देर रात मां ने भी दम तोड़ दिया।

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