सरकार की अनदेखी प्रशासन को पड़ेगा भारी कलेक्ट्रेड कार्यालय के सामने गांधी मूर्ति समाने के विधायक करेंगे सत्याग्रह

जांजगीर-चांपा में सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आ रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं में कथित अनियमितता, भेदभाव और आम जनता की अनदेखी के आरोपों के बीच स्थानीय विधायक ब्यास कश्यप ने बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। 4 मई 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने गांधी मूर्ति स्थल पर विधायक सत्याग्रह (अनशन) पर बैठेंगे। इस आंदोलन से जिले की राजनीति गरमा गई है और प्रशासन पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।जांजगीर-चांपा जिले में जनहित के मुद्दों को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। विधायक ब्यास कश्यप द्वारा आयोजित यह सत्याग्रह राज्य शासन की योजनाओं में कथित गड़बड़ी, पात्र हितग्राहियों को लाभ से वंचित किए जाने और प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में किया जा रहा है।विधायक ने सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि जनसंपर्क निधि, स्वेच्छानुदान राशि और विधायक मद में कटौती कर जनप्रतिनिधियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। यही नहीं, कई योजनाओं में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया गया है।विधायक के मुताबिक यह सत्याग्रह पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल होंगे। सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलने वाले इस आंदोलन में जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।विधायक ब्यास कश्यप ने स्पष्ट किया है कि जब तक आम जनता को उनका अधिकार नहीं मिलता और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से नहीं पहुंचता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने जिले के सभी वर्गों से इस आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है।इस घोषणा के बाद प्रशासनिक अमला भी अलर्ट मोड में आ गया है। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति से निपटा जा सके।कुल मिलाकर, विधायक बनाम सरकार की यह सीधी टक्कर अब सड़क पर दिखाई देने वाली है, जिसका असर आने वाले दिनों में जिले की राजनीति पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।




