छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में कुल वोटर्स : 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914, पहले थी 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया है, जिसमें प्रदेश में करीब 24 लाख 99 हजार 823 वोटरों के नाम कटे हैं। सबसे ज्यादा रायपुर जिले में 4 लाख 98 हजार 556 वोटरों के नाम काटे गए हैं। वहीं सबसे कम खैरागढ़ में 9,843 मतदाताओं के नाम कटे हैं। प्रदेश में अब कुल वोटरों की संख्या 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 हो गई है। 

एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की कुल संख्या 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 थी। ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद यह संख्या घटकर 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 हो गई। दावा-आपत्तियों की सुनवाई के उपरांत अंतिम निर्वाचक नामावली जारी की गई, जिसमें मतदाताओं की संख्या बढ़कर 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 हो गई। 

See also  रायगढ़ में दूसरी बार पकड़ाई अफीम की खेती, लैलूंगा के घटगांव में तीन किसानों के खेतों में मिली अवैध फसल, जांच में जुटी पुलिस

अंतिम चरण में सुनवाई के बाद 2 लाख 34 हजार 994 मतदाताओं के नाम जोड़े गए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने बताया कि करीब 24 लाख 99 हजार से अधिक नाम सूची से विलोपित किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी या दोहराव वाले नाम हटाकर सूची को शुद्ध किया गया। अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 1,87,30,914 रह गई है। उन्होंने इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए नागरिकों का आभार जताया।

See also  छत्तीसगढ़ में भीषण हादसा; अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप, 2 की मौत, 18 गंभीर

मतदाता सूची में नाम नहीं है तो करें ये काम
यदि आपका नाम अंतिम प्रकाशित निर्वाचक नामावली में शामिल नहीं है तो नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म 6 भरकर उसके साथ घोषणा पत्र और आवश्यक सहायक दस्तावेज संलग्न कर ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यदि अंतिम मतदाता सूची में दी गई जानकारी में कोई त्रुटि है तो फॉर्म 8 भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन या ऑफलाइन सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।

रायपुर टॉप पर सुकमा में सबसे कम वोटर
वर्ष 2026 की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की संख्या के मामले में रायपुर जिला शीर्ष पर है, जबकि सुकमा सबसे नीचे है। आंकड़े बताते हैं कि शहरी और अर्ध-शहरी जिलों में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है, वहीं बस्तर अंचल और नवगठित जिलों में मतदाता संख्या कम बनी हुई है। यह वितरण प्रदेश की जनसंख्या संरचना और क्षेत्रीय संतुलन की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।

See also  भ्रष्टाचार पर पर्दा? फिर से एक बार हैंडपंप मरम्मत के नाम पर 47 हजार का खेल उजागर

पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
निर्वाचन विभाग के अनुसार, इस अभियान से मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनी है, जिससे आगामी चुनावों में निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, ताकि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिल सके और फर्जी नामों पर रोक लगे।

Related Articles

Leave a Reply