जांजगीर चांपा

श्रम विभाग जांजगीर में कमिशन खोरी का खेल….पंजीयन पूर्व ई-रिक्शा सहायता योजना में दिया लाभ

जांजगीर-चांपा

श्रम विभाग जांजगीर में पंजीयन पूर्व ई- रिक्शा सहायता योजना में अनुदान का लाभ दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस पूरे में मामले में एक मजदूर संघ ने श्रम विभाग में पदस्थ एक महिला श्रम निरीक्षक पर कमिशनखोरी और शासन की योजना का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

मजदूर संघ को सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारी मिली है वह किसी चौंकाने वाली है। इस योजना में कई हितग्राहियों का पंजीयन पूर्व योजना का लाभ दिया गया है। जबकि नियम कहता है कि असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल में कम से कम 90 दिवस पूर्व पंजीयन होना चाहिए। तभी हितग्राही को शासन द्वारा निर्धारित तीस हजार रुपये अनुदान दिया जा सकता है। वहीं कई हितग्राही 50 वर्ष से अधिक है। जबकि नियम में निर्धारित आयु 18 से 50 वर्ष है। अनुदान पूर्व योजना में लगने वाले आवश्यक दस्तावेज भी हितग्राहियों से नही लिया गया है। यहां तक की योजना प्राप्त करने जमा कराये गये आवेदन पत्र में पंजीयन क्रमांक का भी उल्लेखित नही है।

जब हमारे संवाददाता ने सूत्रों से बात की तो श्रम निरीक्षक द्वारा बिना पंजीयन और आवश्यक दस्तावेज जमा नही लेने तथा योजना कार्यान्वयन के लिए बनाये गये नियमों को दरकिनार कर अपात्रों को अनुदान स्वीकृत करने के पीछे की वजह समझ में आने लगी। और पता चला कि यह सारा खेल कमिशनखोरी का है। यह सारे खेल की शुुरुवात पहले ई-रिक्शा एजेंसी और कुछ एजेंटों से होता है। वे एजेंट श्रम निरीक्षक के संपर्क में रहते है, और ऐसे लोगों की तलाश करते है जिनको ई- रिक्शा की जरूरत होती है या ई- रिक्शा खरीदने जाते हंै। उन लोगों को श्रम विभाग की योजनाओं के बारे में बताया जाता है। जिसमें अनुदान और बैंक लोन के बारे में जानकारी दी जाती है। फिर ई- रिक्शा खरीददार कमीशन देने तैयार हो जाता है। ऐसे में एजेंसी मालिक या एजेंट सीधे लेबर इंस्पेक्टर से संपर्क कर उनको उनकी कमिशन दे देते है। फिर उसका पंजियन कर दिया जाता है और ई- रिक्शा योजना का लाभ दे दिया जाता है। चाहे वह अपात्र ही क्यों न हो कमिशन मिलते ही पात्र हो जाता है।

श्रमिक संगठन ने यह तक कहा है कि एक महिला श्रम निरीक्षक पर कमिशनखोरी, अपात्र को योजना का लाभ देने और शासन की योजना का दुरुपयोग करने का साक्ष्य सूचना के अधिकार के तहत मिला है। जल्द ही इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जा रही है।

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