8 लोगों की संदिग्ध मौतों का खुलासा, साइको किलर गिरफ्तार, इस वजह से जहर मिलाकर पिलाया था शराब

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में पिछले चार महीनों के दौरान हुई 8 लोगों की रहस्यमयी मौतों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि गांव के ही एक व्यक्ति ने पुरानी दुश्मनी, आपसी विवाद, कर्ज के लेन-देन, पत्नी पर गलत नजर रखने के शक और टोना-टोटका जैसी आशंकाओं के चलते कई लोगों को निशाना बनाया। आरोपी ने कथित तौर पर शराब में जहर मिलाकर लोगों को पिलाया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है।
जहरीली शराब पीने एक के बाद एक 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं एक युवक की जान बच गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब 6 जून को ग्रामीणों ने कसडोल थाने में आवेदन देकर 8 मौतों की जांच की मांग की। ग्रामीणों ने रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया था।
पुलिस ने 7 मृतकों के शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया। एक मृतक बुधराम का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ने चूहा मारने के नाम पर सुहागा (जहर) खरीदा था।
तकनीकी साक्ष्यों और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रामसहाय को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन बाद में कड़ाई से पूछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने पहले जहर का परीक्षण एक कुत्ते पर किया था। इसके बाद उसने अलग-अलग तारीखों में गांव के लोगों को जहर मिलाकर शराब पिलाई।
संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि ग्राम खर्वे में दिनांक 06.06.2026 को SDOP कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामिणों के द्वारा माह फरवरी से 14 मई तक गांव में आठ लोगो की संदेहास्पद मृत्यु होने के संबंध में आवेदन दिया गया। जिसमें उनके द्वारा गांव के ही व्यक्ति राम सहाय जयसवाल पर संदेह व्यक्त किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू की गयी, सभी सात व्यक्तियों के शव उत्खनन कराकर PM हेतु मेकाहारा रायपुर रवाना किया गया। जहां डाक्टरों की टीम के द्वारा रायपुर स्थित मेडिकोलिगल संस्थान में विशेष टीम के द्वारा पोस्ट मार्टम कराया गया एवं फारेंसिंक जांच हेतु सभी व्यक्तियों का DNA विसरा अन्य सेंपल प्रिजर्व किया गया है।
विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा प्रत्येक व्यक्तियों की मृत्यु संबंधित सुक्ष्मता से जांच की गयी। पुलिस की एक टीम जहां निरंतर ग्रामीण से पुछताछ कर सतत निगाह रखी हुई थी वही इसके समानांतर दुसरी टीम इस घटना से संबंधित तकनिकी साक्ष्य जुटाने में प्रयास में लगी थी।
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी प्राप्त हुई की अभियुक्त ने गांव के किसी व्यक्ति से चुहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा प्राप्त किया। संबंधित ग्रामीणों से पुछताछ एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त से पुछताछ की गई। प्रारंभ में अभियुक्त द्वारा घटना करने से इंकार किया गया किंतु बारीकी से पुछताछ करने पर अंतत: अभियुक्त ने घटना कारीत करना स्वीकार किया, जिसने अपने बयान में सभी मृतकों को पुरानी रंजीश, छोटी छोटी शिकायतें, गाली गालौच एवं चारित्रिक संदेह तथा टोना-टोटका के चलते एक के बाद एक घटना कारीत करना स्वीकार किया।
सर्व प्रथम आरोपी द्वारा चुहा मार दवा (सुहागा) से अपना पहला निशाना कुत्ते को बनाया गया, कुत्ते पर सफल परीक्षण होने के बाद-
1. दिनांक 06.02.2026 को पहला शिकार बद्री पटेल को बनाया गया, जो अक्सर अभियुक्त के साथ गाली गलौज और शराब पिलाने के लिए परेशान करता था, आरोपी द्वारा सुहागा (जहर) मिले शराब को पीने से बद्री पटेल की मौत हो गयी।
2. पहले शिकार से मिली सफलता से अभियुक्त रामसहाय का आत्मविश्वास बढ़ने पर दुसरा निशाना बुठालु साहु को दिनांक 20.02.2026 को बनाया गया। बुठालु साहु द्वारा कलार समाज को गाली देने और पुर्व विधान सभा चुनाव के समय हुए विवाद पर से, आरोपी द्वारा बुठालू साहु को सुहागा मिला कर शराब पिलाने से उसी तरह उसकी मौत हो गयी।
3. दिनांक 12.03.2026 को छत्तु राम साहु जो अभियुक्त के पत्नि के उपर बुरी नियत रखता था, जिसका बदला लेने के लिये शराब में सुहागा मिलाकर पिलाने से छत्तु साहु की भी मौत हो गयी।
4. दिनांक 20.03.26 को बुधराम जायसवाल जिससे अभियुक्त के साथ जमीन लेन देन और समाजिक रूप से रंजीश बनी हुई थी, ठीक उसी पैटर्न में शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर पिलाने से बुधराम जायसवाल की भी मौत हो गयी। जिसका दाह संस्कार किया गया है।
5. लोगों को जहर देकर लगातार मारने की घटना और किसी को कोई शंका नही होने पर आरोपी द्वारा अगला शिकार विनोद कुमार साहु को बनाया गया, जो अभियुक्त को लगातार गाली गलौज किया था उससे बदला लेने के लिये सुहागा मिलाकर शराब पीने के लिए आरोपी द्वारा दिया गया, जिसे पीने से विनोद कुमार साहु की भी मौत दिनांक 31.03.2026 को कसडोल अस्पताल में हो गई।
6. अभियुक्त द्वारा सुहागा मिला हुआ शराब देने से पीने वश गजानंद मांझी की दिनांक 28/04/2026 को मृत्यु हुई। अभियुक्त को शंका था कि गजानंद माझी उन पर बैगा गुनिया करता था जिससे वह कर्ज मुक्त नही हो पा रहा है जीवन में सुख शांति नही आ पा रही थी।
7. अभियुक्त द्वारा चैतूराम साहु से ₹50,000 कर्ज लिया गया था, जिसके ब्याज देने से निजात पाने के लिये चैतुराम साहु को मारने का आरोपी द्वारा योजना बनाई गई । इसके बाद अभियुक्त रामसहाय के द्वारा गांव के चैतुराम साहु को दिनांक 29.04.2026 को शराब में सुहागा मिलाकर दिया गया, जिसे पीने से चैतुराम साहु की मौत हो गयी।
8. इसके बाद 2023 में चुनाव के समय हुए पुराने झगड़ा विवाद मारपीट का बदला लेने तथा बीच बीच में ताने मारने के बात को लेकर दिनांक 14.05.2026 को महेतरू राम साहु को भी सभी लोगो की तरह शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर आरोपी द्वारा दिया गया, जिसे पीने से महेतरू साहु की भी मौत हो गयी।
9. अभियुक्त द्वारा दिनांक 14/04/2026 को कार्तिक कुम्हार को सुहागा मिला दे दिया था जिसे पीने से कार्तिक कुम्हार की तबियत खराब होने से परिजन द्वारा उपचारार्थ भर्ति कराया गया था।
उक्त घटनाओं के आधार पर अभियुक्त के विरूद्ध 08 हत्या एवं 01 हत्या का प्रयास कुल 09 अपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना कार्यवाही की जा रही है। उक्त प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर IG रायपुर अमरेश मिश्रा भापुसे के द्वारा शुरूआत से ही लगातार दिशा निर्देश प्राप्त हुए, साथ ही पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के सफल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिह के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी कसडोल कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज, सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। प्रदेश के बहुचर्चित आठ व्यक्तियों की सुनियोजित हत्या एवं हत्या के प्रयास का मामला पुलिस की दक्षता, सुझबुझ एवं का संयम का परिचय देते हुए, जटील अपराध को सफल तरीके से सुलझाने में सफलता प्राप्त की गई।




