बिजली विभाग की सख्ती : 439 सरकारी दफ्तरों के कनेक्शन काटे, 172 करोड़ का बिल अब भी बाकी

जगदलपुर। आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटने वाला विद्युत विभाग अब सरकारी दफ्तरों पर भी सख्ती बरत रहा है। लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले शासकीय विभागों के खिलाफ विभाग ने डिस्कनेक्शन अभियान शुरू कर दिया है। बस्तर संभाग के सातों जिलों में अब तक 439 शासकीय कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जबकि कार्रवाई के दौरान 50 बकायादार विभागों से 13 लाख 67 हजार रुपए से अधिक की वसूली भी की गई है। हालांकि, इसके बावजूद सरकारी विभागों पर बकाया बिजली बिल का आंकड़ा करोड़ों में बना हुआ है।
विद्युत कंपनी के डिस्कनेक्शन अभियान के तहत जिन 439 शासकीय कनेक्शनों पर कार्रवाई की गई, उन पर कुल 1 करोड़ 28 लाख 53 हजार 998 रुपए की बिजली बिल राशि बकाया थी। भुगतान नहीं होने पर विभाग ने कनेक्शन विच्छेदित करने की कार्रवाई की। वहीं, अभियान के दौरान बकायादार 50 शासकीय विभागों से 13 लाख 67 हजार रुपए की राशि जमा कराई गई।
बस्तर संभाग के सातों जिलों में शासकीय विभागों के कुल 19 हजार 880 बिजली कनेक्शन हैं। इन कनेक्शनों पर लगभग 1 अरब 72 करोड़ 61 लाख 16 हजार रुपए यानी 172 करोड़ रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण विद्युत कंपनी ने अब विभागवार बकाया राशि की समीक्षा शुरू कर दी है।
विद्युत कंपनी की ओर से अब ऐसे शासकीय कार्यालयों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान लंबित है। बकाया राशि जमा नहीं करने वाले विभागों के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि, अभियान का उद्देश्य बकाया राशि की वसूली के साथ-साथ शासकीय विभागों पर लगातार बढ़ रहे बिजली बिल के बकाये को नियंत्रित करना है। सरकारी कार्यालयों पर इतनी बड़ी राशि बकाया होने के बाद अब विद्युत कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि, बकाया बिल के मामले में सरकारी विभागों को भी राहत नहीं दी जाएगी और भुगतान नहीं होने पर डिस्कनेक्शन की कार्रवाई जारी रहेगी।



