एमसीबी में 919 किलो गांजा की बड़ी खेप पकड़ी : 2 पिकअप से 4.59 करोड़ का माल बरामद, 6 आरोपी गिरफ्तार

एमसीबी जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ नागपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, दो पिकअप वाहनों में छिपाकर ले जाई जा रही 919 किलोग्राम गांजे की खेप बरामद की गई है। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 4 करोड़ 59 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार दोनों पिकअप ओडिशा से रवाना होकर कटनी की ओर जा रहे थे। चरचा थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक रुकने के बजाय आगे निकल गए। इसकी सूचना नागपुर पुलिस को दी गई, जिसके बाद हाईवे पर निगरानी बढ़ा दी गई। नागपुर चौकी के पास भी दोनों वाहनों को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन चालक वहां से भी निकल गए। इसके बाद पुलिस टीम ने वाहनों का पीछा किया और मनेन्द्रगढ़ रोड पर लाई गांव के पास दोनों पिकअप को ओवरटेक कर रोक लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस को वाहनों में पहली नजर में कंबल, चटाई, साड़ी और अन्य सामान दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक, इन सामानों की आड़ में गांजे के पैकेट छिपाकर रखे गए थे। पैकेट बाहर निकालकर वजन कराया गया तो कुल 9 क्विंटल 19 किलोग्राम गांजा मिला। पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों को भी जब्त कर लिया है।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल टोप्पो (26), राजित इंदवार (20), विनय टेटे (33), अरूप मिर्धा (22), सुनीता (25) और अलबेरनी (28) के रूप में बताई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के संबंध ओडिशा और मध्यप्रदेश से हैं। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि इतनी बड़ी खेप ओडिशा में किससे हासिल की गई थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गांजे को कटनी में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था और इस पूरे कारोबार के लिए रकम की व्यवस्था किसने की थी।
919 किलो गांजे की खेप लेकर निकले दोनों वाहन ओडिशा से कई जिलों की सीमाएं पार करते हुए एमसीबी तक पहुंचे। इस घटनाक्रम के बाद एनएच-43 पर मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए चल रही वाहन जांच और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई को वाहन जांच के दौरान मिली सफलता बताया है। दोनों वाहनों को तड़के करीब 4 बजे पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।




