पामगढ़ में डबल मर्डर से सनसनी: 10 लाख के कर्ज के लिए झोलाछाप डॉक्टर की हत्या की साजिश, जहरीली शराब से पार्षद की भी मौत!

जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में एक साथ दो लोगों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जिस घटना को शुरुआत में जहरीली शराब या फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा जा रहा था, पुलिस जांच में अब कथित हत्या की साजिश सामने आई है। पुलिस के मुताबिक करीब 10 लाख रुपये के कर्ज और मकान बेचने के दबाव से बचने के लिए आरोपियों ने कर्ज देने वाले झोलाछाप डॉक्टर जोहित खरे को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। आरोप है कि शराब में सुहागा मिलाकर उसे पिलाया गया। इसी दौरान वहां मौजूद पामगढ़ के पार्षद रामखिलावन जांगड़े भी उसी शराब की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार पामगढ़ निवासी राजा खरे ने जोहित खरे से करीब 10 लाख रुपये उधार लिए थे। रकम वापस नहीं मिलने पर जोहित लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहा था। पुलिस का दावा है कि जोहित ने राजा से कर्ज चुकाने में असमर्थ होने पर मकान बेचकर रकम लौटाने की बात कही थी। पुलिस के मुताबिक इसी दबाव से बचने के लिए राजा खरे ने अपने साथी मुकेश कश्यप के साथ मिलकर जोहित की हत्या की कथित योजना बनाई।
पुलिस जांच के अनुसार 23 अक्टूबर की शाम राजा और मुकेश ने जोहित को बातचीत और शराब पीने के बहाने बुलाया। इसी दौरान पार्षद रामखिलावन जांगड़े भी वहां पहुंच गए। सभी ने स्थानीय दुकान से शराब खरीदी और साथ बैठकर पीने लगे। पुलिस का आरोप है कि पहले से बनाई गई योजना के तहत जोहित के गिलास में सुहागा मिला दिया गया। पार्षद को इस कथित साजिश की जानकारी नहीं थी। शराब पीने के दौरान वह भी उसी जहरीले पदार्थ के प्रभाव में आ गए।
शराब सेवन के कुछ समय बाद जोहित खरे और रामखिलावन जांगड़े की तबीयत बिगड़ गई। दोनों को उल्टियां होने लगीं और हालत गंभीर होने पर उन्हें पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दो लोगों की एक साथ मौत के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी राजा खरे की गतिविधियों पर भी संदेह हुआ। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद राजा ने खुद को बीमार बताते हुए बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती करा लिया था। पुलिस ने उसके साथी से पूछताछ की और उससे मिली जानकारी के आधार पर राजा पर निगरानी रखी। करीब 24 घंटे तक अस्पताल में उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए।
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने शराब की बोतलें, डिस्पोजेबल गिलास, कपड़े और उल्टी के नमूने सहित अन्य सामग्री जब्त की। इन नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। पुलिस के अनुसार जांच में सुहागा की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। हालांकि, दोनों मौतों के सटीक चिकित्सकीय कारण और मामले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
जांजगीर-चांपा एसपी विजय पांडे के अनुसार मामले में आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जोहित खरे को कर्ज के विवाद के चलते निशाना बनाने की कथित साजिश रची गई थी, लेकिन घटनाक्रम में पार्षद रामखिलावन जांगड़े की भी मौत हो गई।पुलिस अब मामले में जुटाए गए साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।




