छत्तीसगढ़

पार्षद के हत्यारों का खुलासा, 2 पुलिस हिरासत में, मुख्य आरोपी की खोज जारी…

भिलाई

भिलाई-तीन थाना के अंतर्गत हथखोज इलाके के कांग्रेस पार्षद सूरज बंछोर के हत्यारों का पता चल गया है। हत्यारा कोई और नहीं बल्कि वहीं का ही रहने वाला है। उसने पुरानी मारपीट की रंजिश को लेकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया और वहां से फरार हो गया। इस वारदात को अनजाम देने के लिए उसका साथ गांव के ही एक अन्य युवक और खुर्सीपार क्षेत्र के दो लड़कों ने दिया है। पुलिस दो आरोपियों को तो अपनी कस्टडी में ले चुकी है, लेकिन मुख्य दो अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। पुलिस ने आरोपीयों के खोज के लिए तीन टीमों को जिले के बाहर भेजा है। जल्द ही पुलिस इस मामले का खुलासा करेगी। पार्षद की हत्या के मामले में 30 सीसीटीवी और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ करने के बाद पुलिस को कातिल का पता चल गया। भले ही अभी कातिल पकड़ा नहीं गया, लेकिन पुलिस का दावा है कि वह उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लेगी। पुलिस के सूचना के मुताबिक हत्या किसी और ने नहीं बल्कि हथखोज के ही युवक ने की है। उसका घर तालाब (घटना स्थल) से कुछ दूर पर ही है। आरोपी बाहर रहता है और हत्या के दिन ही हथखोज आया था। इसके बाद उसने अपने मोहल्ले के दोस्त व खुर्सीपार क्षेत्र में रहने वाले दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है की आरोपी ने इससे पहले भी पार्षद को मारने का प्रयास किया था, लेकिन अकेला होने से वह ऐसा नहीं कर पाया था। जिस समय पर हत्यारों ने वारदात को अंजाम दिया था, उससे ऐसा लग ही नहीं रहा था कि हत्या किसी तीसरे व्यक्ति ने की है। पुलिस की जांच मृतक सूरज के दोस्तों के इर्दगिर्द ही घूम रही थी। इसी दौरान आरोपी कातिल की मां ने अपने बेटे के किडनैप होने की शिकायत की तो पुलिस को असली सुराग मिल गया। पुलिस को पता चला कि आरोपी का सूरज से पुराना झगड़ा हुआ था और वारदात के समय उसका मोबाइल लोकेशन घटना स्थल के पास ही था। उसके बाद से उसका मोबाइल बंद आ रहा है और वह फरार है। इस शक के चलते पुलिस ने उसके साथ देखे गए खुर्सीपार के दो लड़कों को उठाया और पूछताछ की। पूछताछ में खुर्सीपार के दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल लिया और बताया कि हत्या की वारदात को अंजाम हथखोज के दो युवकों ने मिलकर दिया है। इसमें इन दोनों ने भी मदद की है। जिस आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया उसका घर घटना स्थल से कुछ दूर पर ही है। रात 8.30 बजे के बाद उसने सूरज पर नजर बना ली थी। वारदात से पहले ही उसके दोस्त मंदिर के पीछे छिप गए थे। रात 9 बजे के करीब जैसे ही सूरज के दोस्त गए और उसने ड्राइवर को गाड़ी लेने भेजा आरोपी घऱ से उसके पास आया और अपने दोस्तों के साथ मिलकर सूरज के ऊपर हमला कर दिया। जब सूरज अचेत हालत में नीचे गिर गया तो वह अपने घर चला गया और फिर मौका देखकर हथखोज से बाहर चला गया।

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