छत्तीसगढ़

कालीचरण महाराज को दो दिन की पुलिस रिमांड, खजुराहो से हुई थी गिरफ्तारी

रायपुर

कालीचरण महाराज को दो दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है. एडिशनल एसपी तारकेश्वर पटेल ने इस बात की पुष्टि कर दी है. आज ही कालीचरण को मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित खजुराहो से गिरफ्तार किया गया था. वहां वो एक होटल में छिपा हुआ था. लेकिन पुलिस ने अपनी सभी टीमों को काम पर लगाया और कुछ ही घंटों के अंदर वो गिरफ्तार कर लिया गया. कालीचरण पर आरोप है कि उसने धर्म संसद में महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान दिया था. उस धर्म संसद का आयोजन छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ था. 25 और 26 दिसंबर को हुए उस कार्यक्रम में कालीचरण ने हिंदू राष्ट्र बनाने पर जोर दिया था. इसके अलावा देश के बंटवारे के लिए भी महात्मा गांधी को जिम्मेदार बता दिया गया था. उनसे बयान में कहा, ‘ इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से राष्ट्र पर कब्जा करना है. हमारी आंखों के सामने उन्होंने 1947 में कब्जा कर लिया था… उन्होंने पहले ईरान, इराक और और अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था. उन्होंने राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था… मैं नाथूराम गोडसे को नमन करता हूं.’ इसी बयान के बाद कालीचरण के ऊपर कई राज्यों में FIR दर्ज कर ली गई थी और गिरफ्तारी की मांग भी उठने लगी. ऐसे में छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपनी कई टीमें बनाईं और कालीचरण की तलाश में लग गए. फिर सूचना मिली कि वो मध्य प्रदेश के एक होटल में छिपा हुआ है. इसके बाद कुछ टीमों को एमपी भेजा गया और एक तय रणनीति के तहत उसे धर दबोचा गया. अब गिरफ्तारी भी हो गई है और दो दिन की पुलिस रिमांड भी, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया से बीजेपी नाराज नजर आ रही है. एमपी सरकार में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अरेस्ट करने के तरीके पर सवाल उठा दिए हैं. वहीं छत्तीसगढ़ सीएम ने तंज कसा है कि बीजेपी को गांधी को गाली देने वाले को क्यों बचाना है. लेकिन इन आरोप- प्रत्यारोप के बीच विवादित बयान देने का सिलसिला नहीं थम रहा है. गाजियाबाद के डासना मन्दिर महंत और महामंडलेश्वर यति नरसिंहा नंद सरस्वती गिरी ने एक बार फिर विवादस्पद बयान दे दिया है. उन्होंने कालीचरण की गिरफ्तारी को तो गलत बताया ही है, इसके अलावा महात्मा गांधी को लेकर भी अपशब्द कह दिए हैं. उन्होंने यहा तक कह दिया है कि अगर कालीचरण को जल्द जमानत नहीं दी गई तो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर आमरण अनशन किया जाएगा.

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