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कराची एयरपोर्ट पर बलूचों ने चीनी इंजीनियरों को बम से उड़ाया तो बौखलाया चीन, पाकिस्‍तान को चेताया, तैनात करेगा सेना?

इस्‍लामाबाद

पाकिस्‍तान की आर्थिक राजधानी कराची में बलूच विद्रोहियों ने चीनी काफिले पर फिर से बड़ा हमला बोला है। कराची के जिन्‍ना इंटरनैशनल एयरपोर्ट के पास हुए इस आत्‍मघाती हमले में 2 चीनी नागरिकों की मौत हो गई है और कम से कम 10 लोग घायल हो गए है। घायलों में 1 चीनी नागरिक शामिल है। इस हमले के बाद पाकिस्‍तान में चीन के दूतावास ने बहुत कड़ी प्रतिक्रिया दी है और हमले को आतंकी घटना करार दिया है। चीनी दूतावास ने पाकिस्‍तान सरकार से कहा है कि इस पूरे हमले की गंभीरतापूर्वक जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई करे। बलूच लिबरेशन आर्मी की माजिद ब्रिगेड ने इस हमले की जिम्‍मेदारी ली है।

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चीन ने पाकिस्‍तान सरकार से यह भी कहा है कि वह चीनी नागरिकों और प्राजेक्‍ट की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए। चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों और कंपनियों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा हालात पर वे करीबी नजर रखें और अलर्ट रहें। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्‍येक कदम उठाएं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब कराची में चीनी नागरिकों को निशाना बनाया गया है। चीन के दूतावास ने बताया कि चीनी इंजीनियर सिंध प्रांत में एक पावर प्राजेक्‍ट के लिए काम कर रहे थे।

बलूचों ने चीन को दी चेतावनी

बीएलए ने अपने बयान में कहा कि उसके आत्‍मघाती बम हमलावर ने एक गाड़ी में लदे विस्‍फोटक को उड़ा दिया। उस समय चीनी इंजीनियारों का काफिला एयरपोर्ट से निकल रहा था। बीएलए ने कहा कि इस हमले में कई चीनी इंजीनियर और पाकिस्‍तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि कुल 40 चीनी नागरिक कराची एयरपोर्ट पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि यह हमला स्‍थानीय समयानुसार रात 11 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि चीन पाकिस्‍तान आर्थिक कॉरिडोर के तहत इस बिजली प्‍लांट को बनाया जा रहा है।

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चीन पाकिस्‍तान के बलूचिस्‍तान में कई सीपीईसी प्राजेक्‍ट का आगे बढ़ा रहा है और 60 अरब डॉलर से ज्‍यादा का निवेश कर रहा है। यह पूरा इलाका गैस और मिनरल से भरा हुआ है जिस पर चीन की नजर है। वहीं बलूच विद्रोही लगातार हमले और विरोध प्रदर्शन करके चीन के प्राजेक्‍ट का विरोध कर रहे हैं। उन्‍होंने चीन को चेतावनी दी है कि वे बलूचिस्‍तान से दूर रहें। यह हमला तब हुआ है जब पाकिस्‍तान में शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक होने जा रही है और इसमें रूस से लेकर चीन तक के नेता हिस्‍सा लेंगे।

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