छत्तीसगढ़

जांजगीर: रिटायर्ड शिक्षक ने छत्तीसगढ़ शासन से सूचना अधिकार में मांगे रामलला मंदिर व संसद भवन को शुद्ध करने की योजना की जानकारी

आवदेन में लिखा प्रधान मंत्री ने सनातन धर्म का पालन नही किया

जांजगीर-चांपा
चांपा के सेवानिवृत्त शिक्षक परमेश्वर दीन यादव ने सूचना के अधिकार के तहत हिंदू धर्म की परंपराओ को सनातन प्रेमी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पालन नही करते हुए रामलला और संसद भवन को अपवित्र किया गया है। उन्होने सूचना के अधिकार मे लिखा है कि हिंदू परिवार मे जब किसी की मौत होती है तो सनातन परंपरा अनुसार घर के पुरुष सदस्य बाल देते है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी मां की मृत्य होने पर अपने बाल और दाढ़ी – मूंछ नही मुंडवाया गया था और उसी अवस्था मे नये संसद भवन और रामलला का उद्घाटन किया गया जिससे संसद भवन और रामलला अपवित्र हो गया है।

See also  महिला ने होटल में बुलाकर नाबालिग लड़के के साथ किया दुस्कर्म, पुलिस ने किया गिरफ्तार

ऐसे मे क्या छत्तीसगढ़ शासन मे उन स्थानो मे गंगा जल छिड़ककर उस स्थान को पवित्र करने की कोई योजना हो तो उसकी जानकारी दे। इस आशय का प्रश्न करते हुए यह परमेश्वर दीन यादव द्वारा जानकारी मांगी है कि क्या ऐसी योजना छत्तीसगढ सरकार के पास हो तो उसकी जानकारी की सत्यापित प्रतिलिपी देवे।

See also  जांजगीर-चांपा डबल मर्डर का सनसनीखेज खुलासा : शादी में फोटो खींचने वाला ही निकला कातिल, चार गिरफ्तार

इसी तरह आयोध्या रामलला के दर्शन करने मे शासन द्वारा एक वर्ष मे खर्च की गयी राशि का ब्यौरा सूचना के अधिकार के तहत मांगा है। मिली जानकारी अनुसार जांजगीर चांपा के रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक परमेश्वर दीन यादव ने जनसूचना अधिकारी सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग नया रायपुर छत्तीसगढ़ से 22 जनवरी 2024 से अब तक आयोध्या मे विराजमान श्री रामलला और छत्तीसगढ़ के भांजे श्रीराम के दर्शन करने मे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओ पर सरकार द्वारा खर्च की गयी अब तक की राशि का ब्यौरा सूचना के अधिकार के तहत मांगा है।

See also  बेटे की 'शैतानी' से दंपती के बीच झगड़ा: रायपुर में पत्नी ने लगाई फांसी, मौत के बाद परिजनों के बीच जमकर मारपीट

विदित हो कि गरीबो के लिए रामलला के दर्शन हेतु केन्द्र सरकार द्वारा योजना शुरु की गयी है जिसमे सरकार द्वारा गरीब रामभक्तो को पूरी तरह निशुल्क आयोध्या आने- जाने और दर्शन कराने का जिम्मा लिया गया है और इस योजना से अनेक श्रद्धालुओ ने रामलला के दर्शन का लाभ उठाया है। पर्यटन विभाग द्वारा जानकारी दी गयी है कि 26.2.2024 तक इस योजना मे कोई राशि खर्च नही की गयी है।

Related Articles

Leave a Reply