देश

उत्तरकाशी सुरंग हादसा : दिल्ली से भेजी गई मशीन, थाईलैंड की रेस्क्यू टीम से मदद, मौके पर पहुंचे वीके सिंह

देहरादून

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से के ढहने से फंसे 40 मजदूरों को निकालने के लिए दिल्ली से एयरफोर्स के विमानों से एक भारी ऑगर मशीन चिन्यालीसौड़ भेजी गई। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर पीएमओ के आदेश पर सेना की अति आधुनिक ऑगर मशीन उपलब्ध कराई गई है। टनल हादसे से जुड़ी पल-पल की अपडेट..

नॉर्वे और थाईलैंड की विशेष टीमें
इन मशीनों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। बताया गया कि ऑगर मशीन के हिस्सों की पहली खेप सिलक्यारा सुरंग पर पहुंच गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन में अब नॉर्वे और थाईलैंड की विशेष टीमों की मदद भी ली जा रही है।

खराब हो गई थी मशीन
सुरंग में मंगलवार रात को ताजा भूस्खलन के चलते एस्केप टनल बनाने के लिए की जा रही ड्रिलिंग को रोकना पड़ा था। इसके बाद ड्रिलिंग के लिए लाई गई ऑगर मशीन भी खराब हो गई थी, जिससे बचाव काम बाधित हुआ था।

See also  बोर्ड का पेपर देने आई छात्रा, प्रबंधक ने दूसरे कमरे में ले जाकर किया रेप, जान से मारने की दी धमकी

तबीयत बिगड़ी, तो पाइप के जरिये दवा भेजी
वहीं, मंगलवार देर रात सुरंग के अंदर एक मजदूर की तबीयत खराब होने लगी। मजदूर को चक्कर आने और उल्टी होने की सूचना मिलने से बाकी मजदूर घबरा गए। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर मजदूर को पाइप के जरिये दवा भेजी गई।

मजदूरों ने किया हंगामा
कुछ मजदूरों में बुखार, बदन दर्द और घबराहट की शिकायतें हैं। उनके लिए भी दवाएं और उनको कैसे लेना है, इसके लिए एक पर्चा साथ में भेजा गया। मजदूरों की हालत बिगड़ने की सूचना पर उनके साथियों ने हंगामा भी किया।

सीएम धामी ने लिया रेस्क्यू का अपडेट
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इंदौर से देर रात देहरादून पहुंचे। इसके बाद उन्होंने उत्तरकाशी के सिल्कयारा में निर्माणाधीन सुरंग में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट लिया और मुख्य सचिव को अलर्ट रहने का निर्देश दिया।

See also  बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से शुरू हो सकती है धान खरीदी, इस साल 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य

बचाव कार्य में लगीं केंद्रीय एजेंसियां
उत्तरकाशी के सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। बचाव कार्य में केंद्रीय एजेंसियां भी लगी हुई हैं। एजेंसियों को राज्य सरकार के सभी विभागों से सभी प्रकार का सहयोग मिल रहा है। जिला प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा भी लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया जा रहा है।

‘सुरंग में फंसे श्रमिकों को जल्द ही सकुशल निकाला जाए’
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन एवं प्रशासन को पूर्व में ही समुचित दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हुई केंद्रीय एजेंसियों की टीम की हौसला अफजाई कर सुरंग में फंसे श्रमिकों को जल्द ही सकुशल निकाला जाए। उन्‍होंने कहा कि फंसे हुए श्रमिकों के परिजनों से निरंतर संपर्क एवं संचार के लिए प्रशासन ने दूरभाष नंबर जारी किए हैं।

See also  कॉपर खदान में फंसे 13 लोगों को निकाला गया बाहर, 2 अभी भी अंदर; 15 घंटे से चल रहा रेस्क्यू आपरेशन

घटनास्थल पर श्रमिकों के परिजनों एवं सहकर्मियों के साथ-साथ घटना की कवरेज करने आए मीडिया जनों के लिए समुचित व्यवस्था बनाने एवं सहयोग करने के जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply