छत्तीसगढ़

अगर नहीं मैच हुआ Fingerprint तो पलक झपक कर मिल जाएगा राशन, सरकार ने लागू किया नियम 

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में अब हितग्राहियों को राशन देने के लिए कमजोर सेंसर वाले ई-पॉश मशीन (E-POSH Machine) से मुक्ति मिल जाएगी. राज्य सरकार की ओर से दुकानों में नए वर्जन की मशीन उपलब्ध कराई गई है. L1 स्कैन युक्त वीए-21 साइज का छोटा और अधिक तेज सेंसर वाला है, जिससे आने वाले समय में अपडेट कर आई स्कैनर की तरह उपयोग कर हितग्राहियों के हाथों के के निशान नहीं मिलने पर Eye Contact से राशन देने में सुविधा होगी.

एडवांस्ड फीचर से लैस है ई-पॉश मशीन

राशन दुकानों को जो मशीन प्रदान की जा रही है, वह नए डिवाइस में फिंगरप्रिंट पहचान के कई विकल्प दिए गए हैं. ये 7.1 सुरक्षित ऑपरेटिव सिस्टम से संचालित होता है, जिससे एक बेहतर क्वार्ड कोर 1.1 गीगाहर्टज प्रोसेसर के द्वारा चलाया जाता है, वी 215.5 इंच एचडी रिजॉल्यूशन वाला टच स्क्रीन और सिग्नेचर कैप्चर फीचर के साथ रंगीन डिस्प्ले वाला बिल्कुल मोबाइल की तरह दिखता है. इसमें वाई-फाई 4G, 3G, 2G और ब्लूटूथ के साथ कनेक्टिविटी का विकल्प दिया गया है. साथ ही, रसीद प्रिंट की सुविधा प्रदान की गई है. बायोमेट्रिक सुरक्षा भी इसमें मौजूद है और इस मशीन में सर्वर की समस्या नहीं होगी.

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जिले के 460 दुकानों में उपलब हुई मशीन

जिले के चार ब्लॉक, बेमेतरा, बेरला, साजा व नवागढ़ में 460 राशन दुकानों का संचालन हो रहा है. इसमें शहरी 28 और ग्रामीण क्षेत्र में 432 दुकानों में 2,55,000 राशन केंद्र हैं, जिन्हें अब हाईटेक ई-पॉश मशीन दिया गया है. इसकी मदद से कोई भी हितग्राही जब राशन लेने के लिए दुकान में पहुंचे, तो उसे फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के कारण वापस न जाना पड़े इसके लिए सरकार की ओर से नई मशीन दी गई है.

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बुजुर्गों को सबसे ज्यादा लाभ

इस मशीन का सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों को होगा. दरअसल, बुजुर्गों के हाथ की जो फिंगरप्रिंट है, वह अक्सर मैच नहीं हो पाते हैं. इसके कारण कई बार उन्हें राशन दुकान से वापस भी आना पड़ता है. इसलिए 60 साल से ऊपर के जो बुजुर्ग है, उनको अब राशन दुकान पर फिंगरप्रिंट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और ना ही राशन दुकान से वापस जाना पड़ेगा.

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