चैत्र नवरात्रि 2026: मां मनका दाई मंदिर में लगी भक्तों की भीड़, पूरी होती यहां हर मनोकामना

जांजगीर चाम्पा: चैत्र नवरात्रि पर भक्तों की भारी भीड़ खोखरा के विश्व प्रसिद्ध मां मनका दाई मंदिर में जुटने लगी है. नवरात्र से पहले ही मंदिर को सजाने का काम शुरू हो गया था. मंदिर में इस बार चार हजार से ज्यादा ज्योति कलश की स्थापना की गई है. मनका दाई की पूजा के साथ विश्व कल्याण के लिए नौ दिनों तक सुंदर कांड और दुर्गा सप्त सती का पाठ किया जाएगा.
चैत्र नवरात्र पर लगा भक्तों का मेला
मां मनका दाई के दरबार में वैसे तो साल भर लोग माथा टेकने और अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते है, लेकिन शारदीय और चैत्र नवरात्रि में यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन करते आते है. खोखरा की मनका माई की दिव्य प्रतिमा लोगों के मन को मोह लेती है. मान्यता है कि यहां जो भी भक्त सच्चे मन से मां से कामना करता है वो पूरी होती है.
मंदिर से जुड़ी कहानियां और मान्यताएं
श्रद्धालुओं का मानना है कि प्राचीन काल मे क्षत्रिय लोग यहां निवास करते थे और खोखरा पहले घनघोर जंगल हुआ करता था. एक बार जब क्षेत्र में अकाल की स्थिति थी, लोग पानी की तलाश थे, तभी कुछ मवेशी कीचड़ से सने गांव मे पहुंचे. गांववालों की उम्मीदें जागी और उन्होने अपने आस पास तालाब की तलाश शुरू की. इसी बीच गांव के मुखिया को सपने मे मां मनका माई ने तालाब का रास्ता दिखाया और वहीं पर अपनी प्रतिमा स्थापित करने की सलाह दी. ग्रामीणों ने स्वप्न के आधार पर तालाब की तलाश की और वहीं की मिट्टी से मां मनका दाई की मूर्ति बना कर स्थापित कर दिया.

समय बीतता गया और गांव की आबादी बढ़ती गई. लोगों ने यहां मनोकामना ज्योति कलश जलाना शुरू किया. कहते हैं कि मां मनका दाई पर आस्था रखने वाले एक ब्राह्मण को फिर से स्वप्न आया और मां की मूर्ति को कोलकाता से लाने की योजना बनाई गई. माता रानी की प्रेरणा से कोलकाता से लाई गई मूर्ति की आज भी यहां अलग-अलग स्वरूपों मे पूजा की जाती है. हर नवरात्रि में माता की सेवा का अलग-अलग तरीका होता है. इस बार नौ रात्रि के नौ दिनों तक सुंदर कांड का पाठ और दुर्गा सप्तसती का पाठ कराया जाएगा.

भक्तों की सुविधा के लिए बनाया गया ट्रस्ट
श्रद्धांलुओं की अपार श्रद्धा के चलते साल 2000 में मनका दाई ट्रस्ट बनाया गया. ट्र्स्ट की ओर से पूजा पाठ के दौरान कई तरह के आयोजन किए जाते हैं. मंदिर की सुरक्षा को लेकर कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन से जुड़े वालेंटियर नवरात्र में व्यवस्थाओं का काम देखते हैं.





