निजी क्षेत्र के लिए नए श्रम नियम लागू : नाइट शिफ्ट में काम कर सकेंगी महिलाएं और ओवरटाइम के घंटे भी बढ़ेंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब निजी क्षेत्र के लिए नए श्रम कानून लागू हो गए हैं। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) (संशोधन) अधिनियम, 2025 विधानसभा में पारित कराया था। इसे अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है।
खास बात ये है कि, नए कानून के हिसाब से महिला कर्मी अब निर्धारित सुरक्षा शर्तों के साथ रात्रि पाली (नाइट शिफ्ट) में काम कर सकेंगी। यही नहीं ओवर टाइम की लिमिट 125 से बढ़ाकर 144 घंटे साल कर दी गयी है। नए प्रावधान 20 या उससे अधिक कर्मियों वाले संस्थान पर लागू होंगे। पहले यह सीमा 10 कर्मियों वाले संस्थानों पर भी लागू होती थी।
जानकारों के अनुसार, इन संशोधनों का उद्देश्य बदलती आर्थिक गतिविधियों और 24 घंटे संचालित होने वाले सेवा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप श्रम कानूनों को अपडेट करना है। महिलाओं के लिए रात्रिकालीन कार्य की अनुमति से सेवा क्षेत्र को अतिरिक्त मानव संसाधन मिलेगा, वहीं ओवरटाइम सीमा बढ़ने से उद्योगों और प्रतिष्ठानों को कार्यबल प्रबंधन में अधिक लचीलापन मिलेगा। दूसरी ओर, महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, परिवहन और कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाओं का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा।
संशोधन के तहत प्रतिष्ठानों के संचालन और कर्मचारियों के कार्य समय से जुड़े प्रावधानों में भी परिवर्तन किया गया है। दैनिक कार्य अवधि से संबंधित समय-सीमा में संशोधन किया गया है तथा स्प्रेड-ओवर (काम की कुल अवधि) से जुड़े पुराने प्रतिबंधों में बदलाव किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह है कि किसी कर्मचारी से एक वर्ष में लिए जा सकने वाले ओवरटाइम की अधिकतम सीमा 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
संशोधन का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान महिलाओं के रोजगार से जुड़ा है। अब राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित सुरक्षा एवं अन्य शर्तों के अधीन महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने की अनुमति दी जा सकेगी। इससे आईटी, बीपीओ, ई-कॉमर्स, होटल, अस्पताल, कॉल सेंटर और अन्य 24 घंटे 7 दिन सेवाओं वाले क्षेत्रों में महिला रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। हालांकि यह अनुमति तभी प्रभावी होगी जब राज्य सरकार अलग से सुरक्षा, परिवहन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं संबंधी शर्तें अधिसूचित करेगी।




