
रायगढ़। जमीन के एक पुराने विवाद ने दो बेगुनाह जिंदगियां छीन लीं। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में दंपति की टांगी से निर्मम हत्या कर शवों को आग के हवाले कर हत्या को हादसा साबित करने की साजिश रचने वाले दो सगे भाइयों को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस डॉग रूबी, एफएसएल की वैज्ञानिक जांच और ह्यूमन इंटेलिजेंस के दम पर इस ब्लाइंड डबल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में धरमजयगढ़ पुलिस ने ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस जांच में सामने आया कि वर्षों पुराने भूमि विवाद की रंजिश में श्याम लाल राठिया (32) और उसके बड़े भाई जीवन लाल राठिया (48) ने 14 जुलाई 2026 की रात मंगल राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55) की टांगी से हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने शवों पर घर में रखे कपड़े, सोफा कवर और अन्य सामान डालकर आग लगा दी तथा घर के दो कमरों में भी आग लगा दी, ताकि हत्या को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
15 जुलाई 2026 की सुबह मृतक के यहां कार्य करने वाले रामलाल चौहान जब काम पर पहुंचे तो घर का मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर एक कमरे से धुआं निकल रहा था, जहां मंगल राठिया और उनकी पत्नी के जले हुए शव पड़े थे। सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, थाना प्रभारी घरघोड़ा कुमार गौरव साहू, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए और थाना धरमजयगढ़ में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 189/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटनास्थल पर मिली हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध लेकर पुलिस डॉग रूबी सीधे संदेही श्याम लाल राठिया तक पहुंची। वहीं जांच में मृतक और आरोपियों के परिवार के बीच लंबे समय से भूमि विवाद की जानकारी मिली। एफएसएल साक्ष्य, पुलिस डॉग के संकेत और तकनीकी व वैज्ञानिक पूछताछ के आधार पर दोनों भाइयों से अलग-अलग पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, वर्ष 2013 में खरीदी गई जमीन बाद में मूल विक्रेता ने अधिक कीमत मिलने पर मंगल राठिया को बेच दी थी। रकम वापस मिलने के बावजूद मृतक द्वारा उसी जमीन पर मकान बनाकर खेती करने से दोनों भाई रंजिश पाल बैठे थे। इसी विवाद के चलते उन्होंने हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में प्रयुक्त टांगी और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर जब्त कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस अंधे हत्याकांड के खुलासे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शिवम कोंगरे, एफएसएल टीम, पुलिस डॉग रूबी और पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि, भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में ही होना चाहिए। क्षणिक आवेश में लिया गया हिंसक फैसला न केवल निर्दोषों की जान लेता है, बल्कि आरोपी और उसके पूरे परिवार का भविष्य भी बर्बाद कर देता है। उन्होंने कहा कि, धरमजयगढ़ पुलिस, एफएसएल टीम और पुलिस डॉग रूबी के समन्वित प्रयासों से इस ब्लाइंड डबल मर्डर का सफल खुलासा संभव हो सका।


