तीन मासूमों के सामने पत्नी की फावड़े से हत्या: डरे-सहमे बच्चे पूरी रात घर में दुबके रहे

बिश्रामपुर : नाबालिग बच्चों के नाम दर्ज जमीन बेचने की जिद एक परिवार के लिए ऐसी त्रासदी बन गई कि तीन मासूमों की आंखों के सामने उनकी मां की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के सपकरा गांव में शुक्रवार देर रात पति ने पत्नी पर पहले लोहे के पाइप से हमला किया, फिर फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर उसकी जान ले ली।
घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फरार होने की कोशिश कर रहे आरोपित पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार सपकरा निवासी भुनेश्वर राजवाड़े (40) ने अपने हिस्से की करीब दो एकड़ जमीन पहले ही बेच दी थी। इसके बाद उसके पिता ने बची हुई जमीन अपने तीनों नाबालिग पोतों के नाम दर्ज करा दी। आरोप है कि भुनेश्वर अब बच्चों के नाम की जमीन भी बेचना चाहता था, जिसका उसकी पत्नी रामबाई राजवाड़े (38) लगातार विरोध कर रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
शुक्रवार रात करीब 11 बजे जमीन बेचने के मुद्दे पर दोनों के बीच फिर कहासुनी शुरू हुई। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ घंटे तक विवाद चलता रहा। गुस्से में भुनेश्वर ने पहले लोहे के पाइप से पत्नी की बेरहमी से पिटाई की। जान बचाने के लिए रामबाई घर से भागने लगी, लेकिन आरोपित उसे घसीटकर वापस परछी में ले आया और फावड़े से सिर पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण रामबाई ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हत्या के दौरान घर में मौजूद तीनों नाबालिग बच्चे शोर मचाने लगे तो आरोपित ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी। डरे-सहमे बच्चे पूरी रात घर में चुपचाप दुबके रहे। शनिवार सुबह उन्होंने पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और लोगों ने तत्काल पुलिस को खबर दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी एसआर भगत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर घर से करीब एक किलोमीटर दूर भागने की कोशिश कर रहे आरोपितं भुनेश्वर राजवाड़े को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त हथियार भी जब्त कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपित के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद सपकरा गांव में शोक का माहौल है। जमीन के विवाद ने तीन मासूम बच्चों से उनकी मां का साया हमेशा के लिए छीन लिया।




