
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) बिलासपुर में बुधवार 4 सितम्बर सुबह बिजली पैनल में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। अस्पताल परिसर में लगे पैनल से धुआं और आग की लपटें निकलती देख मरीजों के परिजन घबरा गए। हालांकि अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आग को फैलने से पहले ही काबू में कर लिया।
जानकारी का मुताबिक, सुबह करीब 11:30 बजे परिजन कक्ष के समीप स्थित बिजली पैनल में अचानक स्पार्किंग हुई। कुछ ही देर में पैनल से धुआं निकलने लगा और आग की लपटें दिखाई देने लगी। अस्पताल में लगातार लोगों की आवाजाही के बीच घटना सामने आने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
आग की स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने एहतियातन मुख्य बिजली सप्लाई बंद कर दी। इससे अस्पताल के कुछ हिस्सों में बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। ICU, टीबी वार्ड, कैंसर ओपीडी और रसोईघर तक बिजली का असर पड़ा। इस दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की देखभाल के लिए कुछ समय मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ा।
पैनल से धुआं निकलते ही अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा और फायर फाइटिंग सिलेंडरों की मदद से आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरु कर दी। कर्मचारियों की तत्परता से आग को दूसरे हिस्सों तक फैलने से रोक लिया गया। अस्पताल में पहले से कराए जाने वाले अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल का भी इस दौरान फायदा मिला।
CIMS के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के मुताबिक, रसोई कक्ष के पास स्थित बिजली पैनल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद विद्युत व्यवस्था की जांच की जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन ने भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुराने विद्युत सिस्टम को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। अस्पताल की पुरानी वायरिंग को बदलने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बिजली और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच पर भी जोर दिया जाएगा।




