ओबीसी जाति जनगणना में वैज्ञानिक कोडिंग की मांग, विधायक व्यास कश्यप ने सौंपा ज्ञापन

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा में जाति जनगणना को लेकर एक अहम मांग सामने आई है। जांजगीर-चांपा विधायक व्यास नारायण कश्यप ने माननीय राज्यपाल और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर ओबीसी श्रेणी की जातियों के लिए मानकीकृत सूची, प्रत्येक जाति के लिए विशिष्ट वैज्ञानिक कोड और वैज्ञानिक वर्गीकरण सुनिश्चित करने की मांग की है।
विधायक व्यास नारायण कश्यप ने कहा कि जाति जनगणना तभी सामाजिक न्याय का ऐतिहासिक माध्यम बन सकती है, जब देश की प्रत्येक जाति और समुदाय की सही, वैज्ञानिक और एकरूप गणना हो। उनका कहना है कि केवल व्यक्ति से उसकी जाति पूछ लेना पर्याप्त नहीं है। यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि एक ही प्रमाणित जाति के अलग-अलग नाम, पर्यायवाची नाम, क्षेत्रीय नाम, उच्चारण या वर्तनी के अंतर के कारण अलग-अलग प्रविष्टियां न बन जाएं।
विधायक ने कहा कि भारत की सामाजिक संरचना बेहद विविध है। एक ही जाति या समुदाय को अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में अलग नाम, उपनाम, परंपरागत व्यवसाय से जुड़े नाम अथवा अलग वर्तनी से जाना जाता है। ऐसे में वैज्ञानिक मानकीकरण और कोडिंग व्यवस्था नहीं होने पर एक ही समुदाय की आबादी कई अलग-अलग आंकड़ों में बंट सकती है।
उन्होंने कहा कि इसका असर विशेष रूप से ओबीसी, अति पिछड़े वर्ग, ईबीसी, कारीगर और परंपरागत व्यवसाय से जुड़े समुदायों सहित अन्य वंचित वर्गों की वास्तविक संख्या और हिस्सेदारी पर पड़ सकता है। इसलिए मांग है कि गिनती सही हो, आंकड़े सही हों और उसी आधार पर सामाजिक न्याय की नीतियां तैयार हों।



