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दरोगा मैडम का गजब का शौक! शादी की छोटी सी रस्म के लिए बुला लिए हाथी और हो गईं सवार

सिवान

शादी विवाह हर किसी के जीवन का न भूलने वाला लम्हा होता है. इस लम्हे को यादगार बनाने के लिए लोग कुछ नया करने की कोशिश में लगे रहते हैं. राज्य के सिवान जिले से एक ऐसी ही अनोखी शादी की खबर सामने आई है. यहां एक दुल्हन हाथी पर सवार होकर मटकोर की रस्म निभाने के लिए निकली. शादी की खबर सुर्खियों में है.

जानकारी के अनुसार सिवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी राजेश कुमार गुप्ता की बेटी निशा गुप्ता की 12 फरवरी को शादी थी. निशा बिहार पुलिस में दारोगा के पद पर मोतिहारी जिले के छौड़ादानो थाने में पदस्थापित है. अपनी शादी में मटकोर की रस्म को निभाने के लिए निशा हाथी पर सवार होकर अपने घर से मटकोर स्थल पर पहुंची. निशा जब हाथी पर सवार हुई तो इलाके में यह खबर आग की तरह फैल गयी और बड़ी संख्या में लोग इस अनोखे मटकोर को देखने के लिए पहुंच गए.

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इस दौरान निशा के परिजन और दोस्त ढोल नगाड़े पर जमकर डांस कर रहे थे. जबकि हाथी पर सवार निशा उनका वहीं से साथ दे रही थी. बताया जा रहा है कि जिस लड़के से निशा की शादी हो रही है, वह भी दारोगा है. इस मौके पर दुल्हन निशा कुमारी ने कहा कि ‘शादी सबकी होती है, मैं दारोगा हूं, गांव की लड़कियों से बोलूंगी कि वह भी अपनी शादी की तैयारी अच्छे से करें.’ निशा का यह भी कहना था कि ‘मैं दारोगा बनी, इसका श्रेय मेरे भाइयों को जाता है. मेरे साथियों ने भी मेरी मदद की है. सभी लड़कियां अच्छी से पढ़ाई करें. मैंने अपनी पढ़ाई छत्तीसगढ़ के भिलाई से की थी. मैं लड़कियों को यह कहूंगी कि जरूर नहीं कि बड़े शहर में जाकर तैयारी करें. मन से तैयारी करें.’

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वहीं निशा की मां लक्ष्मीना गुप्ता ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है. सब लोग इसमें शामिल हैं. उनकी बेटी ने बहुत मेहनत की है. शुरू से उन लोगों ने इस पर ध्यान रखा. वह सभी माता-पिता से चाहती हैं कि वह अपने बच्चों को पढ़ाए-लिखाएं. उनको किसी भी प्रकार के झगड़े से दूर रखें.

वहीं निशा कुमारी के पिता राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि उनकी बेटी मोतिहारी में पोस्टेड है. अपने दम पर पढ़ाई करके उसने इस मुकाम को हासिल किया है. उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. मेरा सबसे आग्रह है कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारे को उज्जवल करें. बेटियों को अच्छी शिक्षा दें पढ़ाई के लिए उन्हें प्रेरित करें. जब तक बेटी अपने पैर पर खड़ी न हो जाए, शादी नहीं करनी चाहिए. पहले शिक्षा की कमी थी, अभाव था तो लोग बेटियों पर ध्यान नहीं देते थे. लेकिन अब वक्त बदल रहा है. लोग समझदार हो गए हैं. बेटी की शिक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है. यह प्रभु की कृपा और बच्चों की मेहनत है. हमने उनकी हिम्मत हमेशा बढ़ाए रखनी चाहिए.

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