छत्तीसगढ़

बाघ के हमले से युवक की मौत, इलाके में फैली दहशत

रवि शर्मा

केल्हारी/एमसीबी- बीती शाम बाघ के हमले में युवक की मौत का मामला सामने आया आया है मिली जानकारी के अनुसार मामला वन परिक्षेत्र केल्हारी का बताया जा रहा है जहां के गुड्डरु गाँव के अंतर्गत बुद्धू अगरिया पिता चेतू अगरिया को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया आपको बता दें कि वह कल दिन से ही बाघ केल्हारी वनपरिक्षेत्र के बीट डोड़की के ग्राम मुरधवा के कक्ष क्रमांक 974 में विचरण कर रहा था शाम होते-होते बाघ ने ग्राम गुड्डरु के बुद्धू अगरिया जो कि तालाब से मछली मार कर लौट रहा था उसे अपना शिकार बना कर मौत के घाट उतार दिया आपको बता दें कि आज सुबह जब ग्रामीण जंगल की ओर जा रहे थे उन्होंने मृतक को देखा और बाघ भी वहीं पर मौजूद था आपको बता दें कि मृतक के कुछ हिस्से को बाघ ने खा लिया है जब ग्रामीणों के द्वारा हो हल्ला करने पर बाघ को भगाया गया फिलहाल वन अमला मौके पर मौजूद है और स्थिति नियंत्रण में है लेकिन आपको बता दें कि अभी कुछ ही दिन बीते हैं ज़ब तेंदुए का आतंक ग्रामीणों में छाया हुआ था अभी कुछ दिन पहले ही तेन्दुए को पकड़ कर जंगल सफारी ले जाया गया है अब बीते आठ 10 दिनों से बाघ की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है आपको बता दें कि विगत तीन-चार दिन पहले इस बाघ का मूवमेंट कुंआरपुर वनपरिक्षेत्र के ग्राम आरा पहाड़ के समीप मिली थी जहां ग्रामीणों ने उक्त बाघ को हो हल्ला कर दौड़ाया भी था वन विभाग ने उन्हें सतर्क रहने की भी अपील की थी शायद यह वही बाघ है जो कल शाम को केल्हारी वन परिक्षेत्र के गुडरु गांव के बुद्धू अगरिया को अपना शिकार बनाया है क्योंकि केल्हारी वन परिक्षेत्र और कुमारपुर वन परीक्षेत्र आपस में लगे हुए हैं।

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ग्रामीण को बाघ द्वारा बनाये गए शिकार स्थल का मुआयना करने पहुंची जिला प्रशासन व वन विभाग की टीम
घटना स्थल गुंडरु नदी किनारे कक्ष क्रमांक 896 का कलेक्टर पी.एस.ध्रुव, वाइल्ड लाइफ CF के.आर.बढ़ई, DFO श्रीनिवास,गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान संचालक रामाकृष्णन, मनेंद्रगढ़ वन मंडल DFO लोकनाथ पटेल, SDO के.एस. कंवर सहित वनअमले ने निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया उन्होंने बताया कि बाघ का वर्तमान लोकेशन कछौड़ जंगल बना हुआ है जिसके आगे देऊरा जंगल की ओर जाने की संभावना बनी हुई है वही बाघ का पता लगाने बिलासपुर से डॉग स्क्वाड की टीम बुलाई गई है साथ ही प्रशासन और वन अमला पूरी तरह सतर्क है फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है ग्रामीणों को मुनादी कर समझाईस दी जा रही है कि जंगल में न जाये।

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बढ़ गया है खतरा-
गौरतलब हो कि बाघ के द्वारा इंसान का मांस खाये जाने के बाद उसके नरभक्षी बनने की संभावना बढ़ गई है पिछले दिनों वनमण्डल मनेंद्रगढ़ के कुंआरपुर व जनकपुर वन परिक्षेत्र में तेन्दुए का आतंक चरम पर था महीने भर में तेंदुए ने हमला कर लगभग 4 लोगों को अपना शिकार बनाया था जिसमें से 3 लोगों की मृत्यु हो गई थी बहुत कोशिशों के बाद पिंजरे में मुर्गे की लालच में तेंदुआ फस गया था लेकिन मिल रही जानकारी के मुताबिक बाघ के साथ बिल्कुल ऐसा नहीं है क्योंकि वह स्वयं शिकार करता है और जब से उसने इंसान का मांस खाया है तब से उसके नरभक्षी बनने की संभावना के बाद उसके किसी भी जानवर के लालच में पिंजरे में फंसने की संभावना बहुत कम ही नजर आ रही है वन विभाग को चाहिए कि पूरी तरह सतर्कता बरतते हुए बाघ को जल्द से जल्द पकड़ कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं ताकि और कोई जनहानि ना हो सके।

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