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भिलाई में 10वीं की छात्रा ने लगाई फांसी:सुबह दादी को ड्यूटी पर छोड़कर आई; मां के साथ चाय पी, फिर फंदे पर झूल गई

दुर्ग जिले में रविवार सुबह 10वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लक्ष्मी विश्वकर्मा (14 वर्ष) इससे पहले वो दादी को स्कूटी से ड्यूटी के लिए छोड़ने गई थी। इसके बाद मां के साथ बैठकर चाय पी, फिर अपने कमरे में पंखे पर फंदा लटकाकर उस पर झूल गई। घटना जामुल थाना क्षेत्र की है।

मां संतोषी विश्वकर्मा ने बताया कि उनका परिवार कैलाश नगर काली बाड़ी के पास आम्रपाली कॉलोनी में पीएम आवास में रहता है। बेटी लक्ष्मी रविवार सुबह 5.30 बजे उठी थी। संयोग से आज लक्ष्मी की बड़ी बहन का जन्मदिन है।

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पंखे से फंदा बनाकर लगा ली फांसी

दादी को छोड़कर लौटने के बाद लक्ष्मी ने मां के साथ बैठकर चाय पी। परिवार के बाकी लोग सो रहे थे। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई और मां काम पर लग गई। इसी बीच लक्ष्मी ने पंखे से फंदा बनाकर फांसी लगी ली। मां ने उसे आवाज दी, तो कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद कमरे में अंदर का नजारा देख मां के होश उड़ गए।

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मां बोली- कोई झगड़ा नहीं हुआ, किसी ने डांटा भी नहीं

लक्ष्मी की खुदकुशी के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। मां का कहना है कि, उनकी बेटी पढ़ने में काफी होशियार और समझदार थी। उसका घर में किसी से कोई झगड़ा भी नहीं हुआ, ना ही उसे किसी ने डांटा। उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, वे खुद इस बात से हैरान हैं।

बताया जा रहा है कि, मां निगम में सफाई कर्मचारी है और पिता भिलाई स्टील प्लांट में ठेका कर्मचारी हैं। आज (23 जून) लक्ष्मी की बड़ी बहन इंद्राणी विश्वकर्मा का जन्मदिन भी है।

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परिजनों ने डायल-112 को फोन कर पुलिस को घटना की सूचना दी। इसी बीच परिजन उसे फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने लक्ष्मी को मृत घोषित कर दिया। जामुल पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भिजवाया है। लक्ष्मी ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है, जिससे ये साफ हो सकते कि उसने अपनी जान क्यों दी है।

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