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रायपुर में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ आंदोलन तेज, अभिकर्ता और उपभोक्ता संघ ने दी वोट बहिष्कार की धमकी

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राजधानी रायपुर के पंडरी स्थित पुराना बस स्टैंड में छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता सेवा संघ ने आमसभा का आयोजन किया. इस आमसभा में निर्णय लिया गया है कि जब तक भुगतान नहीं तब तक मतदान नहीं किया जाएगा. भुगतान नहीं तब तक मतदान नहीं: निवेशक एजेंट और अभिकर्ता ने लोकसभा चुनाव 2024 में मतदान नहीं करने का मन बनाया है और सिर्फ नोटा का बटन दबाने की बात कही है. उनका कहना है कि जब तक गरीब जनता की खून पसीने की कमाई का पैसा वापस नहीं होगा, तब तक पैसा वापसी की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा.

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‘आर पार की लड़ाई सड़कों पर होगी’: छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि तमाम राज्यों में सैकड़ों चिटफंड कंपनी में लोगों ने अपना पैसा जमा किया है, लेकिन आज तक गरीब और आम जनता का पूरा पैसा सरकार ने वापस नहीं कराया है. चाहे वह सरकार भाजपा की हो या फिर कांग्रेस की. मोदी की गारंटी और कांग्रेस के घोषणा पत्र में भी चिटफंड कंपनियों का पैसा सरकार बनने पर वापस दिलाए जाने की बात कही गई थी. लेकिन आज तक गरीब जनता का पैसा वापस नहीं हुआ है. छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता सेवा संघ अब आर पार और सड़क की लड़ाई लड़ने को भी तैयार है.

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कंपनियों ने लगाया निवेशकों को चूना: भारत के अलग अलग राज्यों में सैकड़ों चिट फंड कंपनियां लोगों का पैसा जमा कराकर या तो रफूचक्कर हो गई या फिर कंपनी बंद कर दी गई. अब इसका खामियाजा देश और प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है. चिटफंड कंपनियों में नियुक्त किए गए एजेंट को निवेशक और जमाकर्ताओं के द्वारा गाली गलौज भी सुननी पड़ती है. चिटफंड कंपनियों में सहारा इंडिया, पल्स, यॉल्को, कोलकाता वेयर, सांई प्रसाद, गरिमा देवयानी, विनायक होम्स, सनशाइन, रोजवेली, श्री राम रियल एस्टेट, गुरु कृपा, बीएनपी, बीएन गोल्ड, फ्यूचर गोल्ड, रुचि रियल एस्टेट जैसी तमाम चिटफंड कंपनियां शामिल है.

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