देश

जिस कैप्सूल में पहले भी आ चुकी दिक्कत, उसी में भेजा सुनीता विलियम्स को स्पेस स्टेशन… वापसी के अब ये चार ऑप्शन

नई दिल्ली

13 जून 2024 को भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को धरती पर वापस आना था. लेकिन आज 12 दिन ज्यादा हो चुके हैं, वो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई हैं. उनके साथ अमेरिकी एस्ट्रोनॉट बैरी बुच विलमोर को भी लौटना था, वो भी वहीं फंसे हैं. कब वापस आएंगे धरती पर? इसे लेकर अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के पास कोई जवाब नहीं है. पहले जानते हैं दिक्कत क्या हुई? फिर बताएंगे कि ये वापस कैसे आ सकते हैं?

सुनीता और बैरी 5 जून 2024 को बोईंग के स्टारलाइनर कैप्सूल से स्पेस स्टेशन गए थे. समस्या इस कैप्सूल में ही है. जिसने पहली बार ये यात्रा की है. इस कैप्सूल में एक-दो नहीं बल्कि कई तरह की समस्याएं हैं. सबसे बड़ी समस्या है कैप्सूल यानी स्टारलाइनर में पांच जगह हीलियम गैस का लीक होना. हीलियम यान के प्रोपल्शन सिस्टम को प्रेशर देता है. इसके अलावा पांच बार थ्रस्टर फेल्योर हुआ है.

See also  Petrol- Diesel Price: अब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल! सरकार ने किया इशारा, कब और क्यों कम हो सकती हैं कीमतें?

दोनों के फेल होने की वजह से यान का रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम खराब हो गया है. यानी धरती पर आते समय यान का नियंत्रण सुनीता या बैरी नहीं कर पाएंगे. अगर वायुमंडल में आने से पहले ऐसा हुआ तो वो अंतरिक्ष में खो जाएंगे. अगर वायुमंडल में आने के बाद ऐसा हुआ तो वो अनियंत्रित तरीके से नीचे गिरेंगे.

See also  Petrol- Diesel Price: अब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल! सरकार ने किया इशारा, कब और क्यों कम हो सकती हैं कीमतें?

पहले स्टेज में पता चल गई थी प्रॉब्लम… लेकिन

ये सारी समस्याएं नासा और बोईंग को यात्रा के पहले चरण में ही पता चल गई थी. फिर नासा और बोईंग ने अपने इंजीनियरों को इन समस्याओं को दूर करने का मौका दिया. वो इसे ठीक करने में लगे भी हैं. लेकिन तीन हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं सुनीता और बैरी को स्पेस स्टेशन पहुंचे हुए. वापस आने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है.

इससे पहले भी स्टारलाइनर में आई थी दिक्कत

See also  Petrol- Diesel Price: अब सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल! सरकार ने किया इशारा, कब और क्यों कम हो सकती हैं कीमतें?

स्टारलाइन स्पेसक्राफ्ट को बोईंग ने नासा के कॉमर्शियल क्रू प्रोग्राम के तहत बनाया है. ताकि एस्ट्रोनॉट्स को धरती की निचली कक्षा तक पहुंचा सकें. साल 2019 में स्टारलाइनर की पहली मानवरहित उड़ान हुई थी. तब भी इसमें सॉफ्टवेयर की दिक्कत आई थी. इस वजह से यह यान गलत ऑर्बिट में पहुंच गया था. दूसरी उड़ान में फ्यूल वॉल्व में गड़बड़ी आई थी. यह तीसरा मौका था जब इस यान में हीलियम लीक हुआ. थ्रस्टर्स यानी प्रोप्लशन सिस्टम में गड़बड़ी आई. यानी नासा ने जानबूझकर न जाने किस तरह की टेस्टिंग के लिए सुनीता और बैरी की जान को जोखिम में डाला.

Related Articles

Leave a Reply