छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा में चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग (अधिग्रहण) विधेयक 2021 ध्वनिमत से पारित

जनहित और विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया अधिग्रहण का निर्णय: श्री टी.एस. सिंहदेव

  • यह अधिग्रहण हर लोकसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने की मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप है
  • दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए पिछले ढाई सालों से चल रहा था प्रयास

रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग (अधिग्रहण) विधेयक 2021 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित में इस चिकित्सा महाविद्यालय के अधिग्रहण का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलना राज्य सरकार की प्राथमिकता में रहा है।

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श्री सिंहदेव ने कहा कि नई राज्य सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव पर सहमति देते हुए इसके लिए प्रयास करने को कहा था। दो वर्ष पहले केन्द्र सरकार द्वारा पूरे देश में 75 मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रावधान बजट में किया था और राज्य सरकार से इसके लिए प्रस्ताव मांगे थे। छत्तीसगढ़ में तीन मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव था, जिस पर राज्य सरकार ने कांकेर, कोरबा और महासमुंद में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भेजा था, जिनकी सहमति केन्द्र से मिली। छत्तीसगढ़ के संचालित 6 मेडिकल कॉलेजों को और इन 3 मेडिकल कॉलेज को मिलाकर प्रदेश के 9 लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। दुर्ग में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव केन्द्र को इसलिए नहीं भेजा जा सका, क्योंकि केन्द्र सरकार ने यह शर्त रखी थी, कि जहां पूर्व में शासकीय या निजी मेडिकल कॉलेज खोले गए हो, वहां के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा जाना चाहिए। केन्द्र की इस नीति के हिसाब से दुर्ग में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए छत्तीसगढ़ को कोई राशि नहीं मिल पाती। इस कारण दुर्ग में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव नहीं भेजा जा सका। तभी से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहां शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया जा रहा था।

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श्री सिंहदेव ने कहा कि चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के अधिग्रहण की प्रक्रिया में फाइल में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है कि यह प्रकरण भविष्य के दृष्टांत नहीं होगा। केवल वन टाईम परमिशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा और दुर्ग लोकसभा क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए हम पिछले ढाई साल से चिंतन कर रहे हैं, ताकि सभी लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य पूरा हो सके। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निजी अस्पतालों के अधिग्रहण के बारे में भी चर्चा होती रही है। श्री सिंहदेव ने कहा कि यह विधेयक किसी कंपनी से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि जनहित में लाया गया है। अधिग्रहण में देनदारियों को सीमित किया गया है। श्री सिंहदेव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी पहलुओं पर विचार कर इस मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भी दुर्ग में एक शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह मंशा है कि हर लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज और जिलों में जिला अस्पताल और सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल की सुविधा हो। इस मेडिकल कॉलेज के छात्र मुझसे भी मिले थे।

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चर्चा के दौरान विधायक श्री मोहन मरकाम ने कहा कि राज्य सरकार ने छात्र-छात्राओं के हित में इस मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि एक मेडिकल कॉलेज के संचालन में लगभग 200 करोड़ रूपए का वित्तीय भार प्रतिवर्ष आता है। चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति मेडिकल कॉलेज के संचालन में साल में 140 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा। विधायक श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति मेडिकल कॉलेज के छात्र लगातार यह मांग करते थे कि इस मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भिलाई में कोविड काल के समय वहां संचालित सेक्टर-9 अस्पताल की कमियां हम सबने देखी। उसी दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने घोषणा की थी कि सेक्टर-9 अस्पताल को राज्य शासन द्वारा सर्वसुविधा युक्त बनाया जाएगा। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन और सेल के अधिकारियों से लगातार चर्चा की। लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा एनओसी नहीं दी गई। कोरोना की दूसरी लहर के समय चंदूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज की अधोसंरचना का उपयोग करके 5000 लोगों की जान बचाई जा सकी थी। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के अधिग्रहण से 186 छात्रों का भविष्य खराब होने से बच जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज की संपत्ति का आंकलन मूल्याकंन अधिकारी द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा। यदि इस पर किसी को आपत्ति होगी तो उसका भी निराकरण किया जाएगा। यह अधिग्रहण विधेयक पादर्शिता के साथ लाया गया है। उन्होंने कहा कि अधिग्रहण से आधी से भी कम कीमत पर मेडिकल कॉलेज का अच्छा इन्फ्रास्ट्रचर मिलेगा।

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विधायक श्री अरूण वोरा ने कहा कि इस अधिग्रहण से 750 बेड बढ़ जाएंगे और प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़कर 1370 हो जाएगी। विधायक डॉ. लक्ष्मी धु्रव ने कहा कि लोक कल्याणकारी भावना और छात्र हितकारी भावना को ध्यान में रखकर यह अधिग्रहण किया जा रहा है। इससे एक बनी बनाई एक अच्छा इन्फ्रास्ट्रचर मिल जाएगा। विधायक श्री देवव्रत सिंह ने कहा कि इस निर्णय में छत्तीसगढ़ की अस्मिता और स्वाभिमान का ध्यान रखा गया है। इस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दुर्ग सहित राजनांदगांव, कवर्धा, बेमेतरा और बालोद के गरीब लोगों के इलाज की व्यवस्था हो सकेगी। इसके अधिग्रहण के निर्णय से क्षेत्र के लोगों में खुशी है। विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज से हर वर्ष 150 डॉ. मिलेंगे।

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