छत्तीसगढ़

रेलवे ओवरब्रिज पर पड़ी दरारें : पहली बारिश ने ही खोल दी भ्रष्टाचार की पोल, सात फीट तक धंसी सड़क

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में ग्रामीणों को रेल फाटक पर लगने वाले जाम से राहत देने के लिए बनाए गए बरगा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गए हैं। शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद दोनों ओवरब्रिजों पर सड़क धंसने, डामर उखड़ने और लंबी दरारें आने की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार करीब दो माह पहले शुरू किए गए बरगा रेलवे ओवरब्रिज पर लगभग 100 मीटर लंबे हिस्से में दरारें दिखाई दे रही हैं। कई स्थानों पर सड़क करीब सात फीट तक धंस गई है, जबकि 10 से 15 फीट तक डामर उखड़ गया है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।

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करीब एक माह पहले शुरू हुए आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की एप्रोच रोड सहित कई हिस्सों में चौड़ी दरारें उभर आई हैं और सड़क बैठने लगी है। स्थिति बिगड़ने पर रेलवे ने मरम्मत कार्य शुरू कराया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए दोषपूर्ण हिस्से का नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों और तकनीकी नियमों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि पहली ही बारिश में पुलों की ऐसी स्थिति निर्माण एजेंसी और निगरानी करने वाले अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मनगटा-मुढ़ीपार रेलवे ओवरब्रिज में भी निर्माण के कुछ समय बाद दरारें आने का मामला सामने आया था। उस समय भी रेलवे को मरम्मत करानी पड़ी थी और मामला विधानसभा तक पहुंचा था। अब बरगा और आलीवारा में सामने आई खामियों के बाद एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।

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