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मासूम से दरिंदगी के मामले में तेजी से इंसाफ, 28 दिन में चार्जशीट, 55वें दिन दोषी को फांसी की सजा

बहराइच

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में डेढ़ साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी के खिलाफ नजीर पेश करने वाली कार्रवाई की गई है. बहराइच पुलिस ने रेप और हत्या के इस जघन्य मामले में 28 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी. इसके बाद कोर्ट ने आठ बार की सुनवाई में ही आरोपी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुना दी. यह संगीन मामला बहराइच के थाना नानपारा इलाके का है. जहां बीती 22 जून की रात 1 बजे से 1:30 बजे के बीच पतरहिया गांव में डेढ़ साल की मासूम बच्ची को अगवा कर उसके साथ बलात्कार किया गया था. इस जघन्यतम कांड को गांव के ही 30 वर्षीयय निवासी परशुराम ने अंजाम दिया था. वो मासूम बच्ची ठीक से बोलना भी नहीं जानती थी. वहशी दरिंदे परशुराम ने उसे गांव के प्राथमिक विद्यालय में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया था. इस घटना से बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई थी. पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 0351/2021 पंजीकृत कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया था. घटना के बाद डेढ़ साल की बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराकर उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच में भर्ती कराया गया था. जहां इलाज के दौरान उस बच्ची की मौत हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने हैवानियत भरे इस कांड में वैज्ञानिक ढंग से सुबूत इकट्ठा करना शुरू किए. मौके से मिले सुबूत और आरोपी की DNA सैंपलिंग फॉरेंसिक लैब गोरखपुर से कराई गई. इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के 28 दिन में ही बहराइच पुलिस ने कोर्ट में आईपीसी की धारा 302, 376एबी, 458 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5एम/6 के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी. इस केस में लगातार पैरवी कर 37 दिन में ही डीएनए रिपोर्ट हासिल की गई. 2 अगस्त से अपर सत्र न्यायाधीश (रेप एंड पॉक्सो एक्ट) प्रथम की कोर्ट में इस मामले का ट्रायल शुरू हुआ. अभियोजन पक्ष की तरफ से दी गई दलील और पुलिस के जुटाए सुबूतों के आधार पर कोर्ट ने 12 अगस्त को आरोपी परशुराम को दोषी करार दे दिया. फिर अपर सत्र न्यायाधीश (रेप एंड पॉक्सो एक्ट) प्रथम ने महज 8 तारीखों में इस केस का ट्रायल पूरा कर अभियुक्त परशुराम पुत्र मंगरे को सोमवार 16 अगस्त के दिन फांसी की सजा सुना दी. 28 दिन में चार्जशीट और आठ बार की सुनवाई में फांसी की सजा की कार्रवाई पर गृह विभाग ने पूरी टीम को 1 लाख का इनाम और सभी राजपत्रित अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है.

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