छत्तीसगढ़

बिजली कंपनी को 45 सौ करोड़ का घाटा, छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को लग सकता है झटका

रायपुर। प्रदेशभर के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को महंगी बिजली का झटका देने की तैयारी है। राज्य पावर कंपनी ने बिजली नियामक आयोग में नए सत्र के लिए लगाई गई याचिका में 45 सौ करोड़ का घाटा बताया है। उसे पूरा करने के लिए नया टैरिफ लागू करने की सिफारिश की है।

पावर कंपनी का पूरा लेखा-जोखा देखने और जनसुनवाई के बाद ही यह तय किया जाएगा कि वास्तव में घाटे से उबारने के लिए बिजली की दरें बढ़ाई जाए या नहीं। बिजली कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल जनसुनवाई की तारीख तय नहीं की गई है। मगर, मार्च के अंत तक तय होने की पूरी संभावना है।

See also  प्रदेशभर में आज से सुशासन तिहार की शुरुआत, CM साय समेत मंत्री-अफसर करेंगे जिलों का दौरा

उसके बाद ही नया टैरिफ तय होगा। कंपनी हर साल दिसंबर में नियामक आयोग को नए टैरिफ के लिए प्रस्ताव भेजती है। इसमें आमतौर पर पावर कंपनी अपनी तरफ से बिजली का टैरिफ कितना बढ़ाना है, इसका कभी भी प्रस्ताव नहीं भेजती है।

केवल अपना लेखा-जोखा ही भेजती है। इसको देखने के बाद नियामक आयोग तय करता है कि वास्तव में कंपनी को कितने पैसों को जरूरत है और वास्तव में उसका खर्च कितना होगा। इसके बाद जो कमी रहती है, उसके हिसाब से टैरिफ में इजाफा होता है।

2024-25 में हुई थी 20 से 25 पैसे की वृद्धि

पावर कंपनी ने पिछले साल जून में 2024-25 सत्र का टैरिफ तय किया था। पावर कंपनी ने बीते साल भी नए सत्र में फायदा और पुराना अंतर बताया था। इसे आयोग ने तय किया। इसी के साथ प्रदेश सरकार ने एक हजार करोड़ अपनी तरफ से दिए थे, ऐसे में उपभोक्ताओं को कम झटका लगा।

See also  आज मजदूर दिवस : दस्तावेजों की दीवार... चार माह में 24 हजार 'श्रमवीर' नहीं बन पाए श्रमिक, लौट गए बैरंग

इस सत्र में लगभग हर वर्ग की बिजली 20 से 25 पैसे यूनिट बढ़ी है। नए सत्र के लिए भी करीब-करीब फिर वैसी ही स्थिति बन रही है। ऐसे में संभावना है कि 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी हो सकती है। अगर प्रदेश सरकार की ओर से मदद मिलती है, तो इस बार भी मामूली वृद्धि हो सकती है।

See also  सूटकेस में गौमांस लेकर पहुंची महिलाएं, बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़ाई

ऐसे समझें आंकड़ा

कंपनी ने 2025-26 के लिए जो प्रस्ताव आयोग को भेजा है, उसमें बताया है कि इस सत्र में कंपनी 24,652 करोड़ की बिजली बेचेगी। इसके मुकाबले में कंपनी का खर्च 23, 082 करोड़ होगा। ऐसे में कंपनी को 1,570 करोड़ का लाभ होगा।

मगर, 2023-24 में कंपनी को अनुमान से 6130 करोड़ कम पड़े। ऐसे में इस अंतर की राशि में 1,570 करोड़ को घटाने के बाद भी 4,560 करोड़ का अंतर आ रहा है। इस अंतर के लिए ही टैरिफ बढ़ाने की मांग की गई है।

Related Articles

Leave a Reply