देश

अबकी बार मांगें बेशुमार…. मंत्रिमंडल के लिए आई TDP, JDU, चिराग, मांझी और शिंदे की डिमांड

नई दिल्ली

लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद अब नई सरकार को लेकर उठापटक शुरू हो गयी है. आज शाम दिल्ली में बीजेपी ने नेतृत्व वाले एनडीए की अहम बैठक होने वाली है. लेकिन इन सबके बीच खबर आ रही है कि एनडीए के सहयोगियों ने सरकार गठन से पहले ही बीजेपी पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है.

सूत्र बता रहे हैं कि जेडीयू ने भी 3 कैबिनेट मंत्रियों की मांग की है. इसके अलावा शिवसेना के एकनाथ शिंदे भी 1 कैबिनेट और 2 MOS चाहते हैं. इसके अलावा चिराग पासवान 1 कैबिनेट और 1 राज्य मंत्री की मांग कर सकते हैं. जीतन राम माझी भी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनना चाहते हैं.

सूत्रों के मुताबिक, टीडीपी सहित अन्य सहयोगी दलों की तरफ से भी डिमांड आ रही है. सबसे बड़ी डिमांड लोकसभा स्पीकर पद को लेकर रहने वाली है जिस पर टीडीपी दावा ठोकने लगी है. कहा जा रहा है कि नायडू 5 से लेकर 6 या फिर इससे ज्यादा भी मंत्रालय मांग सकते हैं.

See also  आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने की छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के कार्यों की समीक्षा

ये मंत्रालय मांग सकती है TDP

  1. लोकसभा स्पीकर का पद
  2. सड़क-परिवहन
  3. ग्रामीण विकास
  4. स्वास्थ्य
  5. आवास एवं शहरी मामले
  6. कृषि
  7. जल शक्ति
  8. सूचना एवं प्रसारण
  9. शिक्षा
  10. वित्त (MoS)

एनडीए को मिला है बहुमत

आपको बता दें कि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने लोकसभा चुनाव में 292 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी भारत ब्लॉक 234 सीटों पर आगे रहा. भाजपा 240 सीटों पर विजयी रही, जो 272 के बहुमत के आंकड़े से कम है. जबकि कांग्रेस 99 सीट जीतने में कामयाब रही, जो 2019 की 52 सीटों की तुलना में 47 सीटें अधिक है. एनडीए का वोट शेयर भी इस बार कम हुआ है.

NDA के 5 बड़े सहयोगी

क्रमांक पार्टी सीटें

  1. टीडीपी 16
  2. जेडीयू 12
  3. शिवसेना 7
  4. LJP (रामविलास) 5
  5. जेडीएस 2

स्पेशल स्टेटस मांग सकते हैं नायडू

मंत्रालय में इन डिमांड्स के अलावा चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल स्टेटस भी मांग सकते हैं. यह उनकी काफी पुरानी मांग रही है. बता दें कि स्पेशल स्टेटस का दर्जा ऐसे राज्यों को दिया जाता है, जो ऐतिहासिक रूप से देश के बाकी हिस्सों की तुलना में पिछड़े हुए हैं. इसका फैसला राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) लेता रहा है. तेलंगाना के अलग होने के बाद से ही चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल स्टेटस यानी विशेष राज्य का दर्जा मांगते रहे हैं. इसके पीछे उनका तर्क है कि हैदराबाद के तेलंगाना के पास जाने के बाद आंध्र प्रदेश की आर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है.

See also  बड़ी ख़बर: छत्तीसगढ़ की जेलों में बंदियों से मुलाकात तत्काल आदेश से बंद

Related Articles

Leave a Reply