छत्तीसगढ़

और आफत लाएगी बारिश, खैरागढ़-जीपीएम सहित 25 जिलों में अलर्ट जारी, तेलंगाना-आंध्रप्रदेश से संपर्क कटा

रायपुर

आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में जोरदार बारिश होगी. मौसम विभाग ने कहा है कि खैरागढ़, दुर्ग और जीपीएम सहित कई शहरों में मध्यम से लेकर तेज बारिश के आसार हैं. मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी ओडीशा और पश्चिम बंगाल के गंगा के इलाके में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके अलावा कुछ जगहों पर चक्रवात भी बनते दिखाई दे रहे हैं. इस वजह से छत्तीसगढ़ में बारिश हो रही है. दूसरी ओर, बस्तर में हुई तेज बारिश की वजह से छत्तीसगढ़ का संपर्क तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से कट गया है. गरियाबंद में प्रलय जैसे हालात बने हुए हैं.

मौसम विभाग का कहना है कि छत्तीसगढ़ के नारायणपुर, कोरिया, बीजापुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सुकमा, बिलासपुर, दंतेवाड़ा, सांरगढ़-बिलाईगढ़, कोंडागांव, मुंगेली, बस्तर, कोरबा, मोहला-मानपुर, गरियाबंद, राजनांदगांव, धमतरी, छुईखदान, महासमुंद, खैरागढ़, दुर्ग, कबीरधाम, बालोद और बेमेतरा जिलों में भारी बारिश होगी. मौसम विभाग ने यहां यलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के मुताबिक, ग्वालियर, श्रीगंगानगर और सीकर के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में ट्रफ लाइन बनी हुई है. इसलिए इस वजह से कहीं भारी, कहीं मध्यम बारिश होगी. पूरे राज्य में छुटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा.

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गरियाबंद में प्रलय
गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में बारिश आफत बन कर बरस रही है. इस प्रलय से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश की वजह से नदी नाले उफान पर हैं. मैनपुर कला में पुल नहीं होने की वजह से गांववालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गांववाले पुल निर्माण की मांग को लेकर नेशनल हाइवे जाम भी कर चुके है. दूसरी ओर, बाघ नाला भी उफन रहा है. यहां एक ट्रैक्टर फंस गया था. ड्राइवर ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई. अमलीपदर क्षेत्र के खैरा नाला पर खरी पथरा स्कूल आए 17 बच्चे फंस गए थे. पानी कम होते ही उन्हे सुबह वापस घरों में पहुंचाया गया. मैनपुर इलाके में 5 बड़े नाले हैं. ये नाले लोगों के लिए आफत बने हुए हैं. हालत यह हैं कि जब बारिश तेज होती है तो तब 36 गांवों का आपसी संपर्क टूट जाता है.

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कोंडागांव-धमतरी के हाल
इधर, कोंडागांव में तेज बारिश की वजह से नेशनल हाईवे लबालब हो गया था. यहां लोगों को आने-जाने में काफी परेशान हो रही है. यहां सड़कें पूरी तरह डूब गईं. टू व्हीलर-फॉर व्हीलर सहित बसें और मालवाहक गाड़ियां सड़कों से नहीं निकल पा रहीं. केशकाल घाट में भी पानी के चलते बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. घाट पर जाम की स्थिति बनी हुई है. धमतरी में गंगरेल और सोंढुर बांध से पानी छोड़ा जा रहा है. जलभराव और अवाक को देखते हुए पानी हल्की मात्रा में छोड़ा जा रहा है. गंगरेल के पेन स्टॉक से 1100 क्यूसेक और सोंढुर से 609 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. गंगरेल बांध 21 टीएमसी के साथ 76% फीसदी भर चुका है. जबकि, सोंढुर बांध 4.5 टीएमसी के साथ 71% भर चुका है.

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