छत्तीसगढ़

दूधाधारी मठ के बालाजी भगवान गर्भगृह से आधी रात आएंगे बाहर, बंटेगी ‘अमृत खीर’

रायपुर। आश्विन माह की पूर्णिमा, यानी 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा धूमधाम से मनाई जाएगी. इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के साथ अमृत वर्षा करता है. मठ-मंदिरों और घरों में खीर बनाई जाएगी, बंगाली समाज में मां लक्ष्मी की विशेष पूजा होगी, और दूधाधारी मठ में भगवान बालाजी की सदियों पुरानी परंपरा निभाई जाएगी.

See also  NHM कर्मचारियों को बड़ी सौगात : सीएम साय ने हड़ताल के दौरान रुका वेतन देने का किया ऐलान, स्वास्थ्य मंत्री ने की 27% लंबित वेतन वृद्धि

शरद पूर्णिमा पर दूधाधारी मठ में भगवान बालाजी को आधी रात गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा. यह सदियों पुरानी परंपरा है, जिसमें भगवान को चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर महंत रामसुंदर दास अनुष्ठान करेंगे. इसके बाद भक्तों को अमृत खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार चंद्रमा का सप्तम भाव में होना और वृद्धि योग इस दिन को विशेष फलदायी बनाता है, हालांकि सर्दी और भावनात्मक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

See also  अतिक्रमण हटाने के दौरान ग्रामीण ने खाया जहर, हालत गंभीर, पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर पक्षपात का लगाया आरोप

Related Articles

Leave a Reply