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विधानसभा में ब्यास कश्यप का आक्रामक भाषण, वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान तीखी बहस

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जिले की विभिन्न समस्याओं को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई। सत्र के दौरान उन्होंने 12 प्रश्नोत्तरी, 6 ध्यानाकर्षण, 1 शून्यकाल प्रश्न लगाए, वहीं ग्राम बोड़सरा में नवीन महाविद्यालय और चांपा में कन्या महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए दो याचिकाएं भी प्रस्तुत कीं।

सदन के अंतिम दिवस पर ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हुई चर्चा में ब्यास कश्यप ने कहा कि वंदे मातरम् भारत की आज़ादी की लड़ाई में प्रेरणा और देशभक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत के ऐतिहासिक महत्व और 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसके प्रथम सार्वजनिक गायन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का गीत है।

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इस दौरान मंत्री केदार कश्यप और विधायक सुशांत शुक्ला से ब्यास कश्यप की तीखी बहस भी हुई। धारा 370, कश्मीर की स्थिति, संघ और राजनीतिक दलों की भूमिका जैसे मुद्दों पर सदन में गरमागरम माहौल देखने को मिला। ब्यास कश्यप ने स्पष्ट किया कि वे किसी की भावनाएं आहत नहीं करना चाहते, लेकिन इतिहास और वर्तमान पर दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।

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ब्यास कश्यप ने ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान से क्रिकेट मैच, बीसीसीआई और सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर बने स्टेडियम का नाम बदलने जैसे विषयों का भी उल्लेख किया। अंत में उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् अमर है और इसे राजनीति से ऊपर रखकर सम्मान दिया जाना चाहिए। सदन में उनके वक्तव्य पर कई बार मेज थपथपाकर समर्थन भी जताया गया।

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