छत्तीसगढ़रायगढ़

मनमानी ब्लास्टिंग से एसईसीएल कर्मी की दर्दनाक मौत, फिर उठा लापरवाही पर सवाल

रायगढ़। एसईसीएल की दीपका कोयला खदान में ब्लास्टिंग के दौरान एसईसीएल कर्मी लखन पटेल निवासी रैकी की दर्दनाक मौत ने पूरे कोयला क्षेत्र को हिला कर रख दिया। यह हादसा सुआ-भोड़ी फेस पर उस वक्त हुआ, जब अमानक तरीके से ब्लास्टिंग कराई जा रही थी। खबर के अनुसार सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर ब्लास्टिंग कराई जा रही थी, जिसकी चपेट में आकर कर्मी की मौके पर ही मौत हो गई।

See also  जांजगीर जिला एवं सत्र न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी, BDS की टीम पहुंची मौके पर…

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ब्लास्टिंग से पहले न तो पर्याप्त सेफ्टी ज़ोन बनाया गया और न ही कर्मियों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर किसके आदेश पर और किन परिस्थितियों में यह खतरनाक ब्लास्टिंग कराई जा रही थी? घटना के बाद खदान क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों ने दीपका प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यहां पहले भी कई बार नियमों की अनदेखी कर उत्पादन के दबाव में जान जोखिम में डाली गई है।

See also  छत्तीसगढ़ में अब तक 23.48 लाख किसानों से धान खरीदी, ₹29,597 करोड़ का भुगतान

स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपका खदान में उत्पादन पहले, सुरक्षा बाद में” की नीति खुलेआम चल रही है। अगर समय रहते अमानक ब्लास्टिंग पर रोक लगाई जाती और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती, तो शायद आज एक और परिवार उजड़ने से बच जाता। हैरानी की बात यह है कि हादसे के बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस बयान या जिम्मेदारी तय करने की पहल नहीं की गई है। सवाल यह है कि क्या इस मौत को भी पूर्व में हुए अन्य हादसों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा या फिर इस बार किसी बड़े अधिकारी पर गाज गिरेगी?

See also  जांजगीर-चांपा में साइबर थाना शुरू, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वर्चुअल शुभारंभ

Related Articles

Leave a Reply