छत्तीसगढ़

जनवरी की ठंड ने तोड़ा पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड:  सरगुजा में न्यूनतम पारा 3.3 डिग्री, दिनभर चलती रही शीतलहर

अम्बिकापुर। पश्चिमोत्तर की बर्फीली हवाओं के प्रवाह से बुधवार का दिन सीजन का सर्वाधिक ठंडा दिन बन गया है। इस बार जनवरी प्रथम सप्ताह की ठंड ने पिछले 15 सालों का रिकार्ड धवस्त कर दिया है। मौसम विज्ञानी आगामी दिनों में शीतलहर के प्रवाह में कमी आने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। सरगुजा में आमतौर पर दिसम्बर एवं जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इस दौरान शीतलहर का भी प्रकोप होता है लेकिन इस बार ठंड पिछले वर्षों की तुलना में अधिक कंपकपा रही है। साथ ही नए-नए रिकॉर्ड बना रही है।

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पश्चिमोत्तर से पहुंच रही बर्फीली हवाओं के प्रभाव से बुधवार को न्यूनतम में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है तथा न्यूनतम पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इसके पूर्व 30 दिसम्बर को सर्वाधिक कम न्यूनतम तापमान ०को रिकॉर्ड किया गया था। इस साल जनवरी प्रथम सप्ताह के न्यूनतम पारा का औसत तापमान 6.3 डिग्री है जो पिछले 15 वर्षों में सर्वाधिक कम है। इसके पूर्व वर्ष 2011 में जनवरी के प्रथम सप्ताह का न्यूनतम औसत तापमान 6.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विज्ञानी अक्षय मोहन भट्ट ने बताया कि एक-दो दिन बाद रात के तापमान में वृद्धि होने के साथ ही शीतलहर के प्रभाव से राहत मिलने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं।

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