जांजगीर-चांपा: हॉस्पिटल के डॉक्टर हैं या टीचर…. हॉस्पिटल की बेड छोड़ देश भक्ती गीत पर नाचे… फूड प्वाइजनिंग के शिकार स्कूली बच्चे…देखें वीडियो…

जांजगीर-पामगढ़। बच्चे अक्सर डॉक्टर का नाम सुनकर ही रो पड़ते हैं उन्हे लगता है कि डॉक्टर हमें इंजेक्शन न लगा दे…. लेकिन पामगढ़ का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुछ समय के लिए अस्पताल न होकरके स्कूल का प्ले ग्राऊंड बन गया था…. जहां बच्चें नाचकूद कर अपना स्वास्थ्य ठीक कर रहे थे…और यहां पदस्थ डॉ. हेमंत लहरे कुछ समय के लिए टीचर की भूमिका में दिखे… पूरा मामला यह है कि गुरूवार को पामगढ़ के आत्मानंद स्कूल में मध्यान्ह भोजन के बाद लगभग दर्जन भर बच्चों की तबीयत बिगड़ गई… जिन्हे उपचार के लिए पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया…. जहां उपस्थित डॉ. हेमंत लहरे ने स्वयं की निगरानी में स्कूली बच्चों का उपचार किया…. कुछ घंटे बाद सभी बच्चों की स्थिति सामान्य हो गई… लेकिन बच्चों को कुछ घंटे आब्जर्वेशन में रखना था… नटखट बच्चे अस्पताल की बेड पर खुद को मरीज समझने लगे थे… लेकिन डॉक्टर हेमंत लहरे बच्चों के साथ इतने घुल मिल गये कि देर शाम बच्चों के साथ खेल मनोरंजन करते पाये गये…. इस संबंध में डॉ. लहरे का मानना था कि बच्चे यदि बेड पर रहते तो उन्हे बीमार होने का एहसास होता लेकिन फिजिकल एक्टिविटी से फूड प्वाइजनिंग की संभावित खतरों से बचा जा सकता है।



