छत्तीसगढ़

‘बैंक बचाओ देश बचाओ’ की मुहिम में छत्तीसगढ़ सरकार बैंकों के साथ: कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे

  • भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के अधिवेशन में शामिल हुए कृषि मंत्री
  • कोरोना काल में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए गए सहयोग की बैंक अधिकारी संघ ने की सराहना, सरकार को दिया धन्यवाद

रायपुर

कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे आज भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ (भोपाल वृत्त) रायपुर के आंचलिक अधिवेशन में शामिल हुए। रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अधिवेशन को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री चौबे ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रम और संस्थान देश की ताकत है। इन संस्थाओं की स्थापना देश के विकास को गति देने के लिए की गई थी। समय के साथ देश के विकास में इन संस्थाओं ने अपनी भूमिका साबित भी की। कृषि, उद्योग, व्यापार सहित कई क्षेत्रों में विकास का सिलसिला आगे बढ़ा। ऐसे महत्वपूर्ण उपक्रमों और संस्थाओं का निजीकरण देशहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण भी देश को आगे बढ़ाने के लिए किया था। वर्तमान में महत्वपूर्ण उपक्रमों और संस्थाओं को निजीकरण की राह में धकेला जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार इसका विरोध करती है और बैंक अधिकारियों के साथ ‘बैंक बचाओ देश बचाओ’ अभियान के समर्थन में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए सहयोग के लिए उनका आभार जताया।

भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के भोपाल वृत्त की रायपुर शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में श्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बैंकों और एटीएम की संख्या में वृद्धि के साथ बैंकों ने अपनी जिम्मेदारी समझी और राज्य की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर देश के विकास की नींव रखी। उन्होंने उस समय कहा था कि बैंक देश के विकास का सबसे बड़ा माध्यम बनेंगे। उन्होंने गरीबी उन्मूलन, गरीबी हटाओ जैसे अभियान चलाकर अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किया। उन्होंने कहा कि देश में एयर इंडिया, डाक, रेलवे और बैंक जैसी संस्थाओं पर निजीकरण का खतरा मंडरा रहा है। इनके निजीकरण को लेकर अनेक सवाल खड़े हो रहे हैं।

कृषि मंत्री श्री चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कुल एक लाख सात हजार करोड़ रूपए बजट में से 27 हजार करोड़ रूपए केवल कृषि के लिए है। कोरोना काल में भी राज्य के बाजारों में रौनक रही। सरकार ने किसानों और श्रमिकों के हाथ में लगातार पैसा पहुंचाया। कृषि क्षेत्र, व्यापारिक, वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधियां नियमित संचालित होती रहीं। इसमें भारतीय स्टेट बैंक का भी सहयोग रहा है। वित्तीय गतिशीलता से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ ने कार्यक्रम में राज्य की विभिन्न शाखाओं में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को कोरोना काल में सुरक्षित रखने तथा प्राथमिकता के साथ उनका टीकाकरण कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और शासन को धन्यवाद दिया।

भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ, रायपुर अंचल के उप-महासचिव श्री वाई. गोपाल कृष्णा ने छठ पर्व पर अवकाश के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार और झारखंड के बाद छत्तीसगढ़ देश का तीसरा राज्य है जिसने छठ पर्व पर अवकाश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्थानीय त्यौहारों पर अवकाश देने से बैंक में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी भी परिवार के साथ त्यौहार मना पा रहे हैं। उन्होंने छेरछेरा पर घोषित स्थानीय अवकाश का लाभ बैंक कार्मिकों को भी देने की मांग की। अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ और अखिल भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी फेडरेशन के महासचिव श्री सौम्या दत्ता, भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ, भोपाल वृत्त के अध्यश्र श्री मदन जैन, महासचिव श्री संजीव सभलोक, रायपुर अंचल के अध्यक्ष श्री विजय येचुरी, रायपुर आंचलिक कार्यालय के उपमहाप्रबंधकद्वय श्री एस.व्ही. राधाकृष्णा राव और श्री गुणीन्द्र शाह तथा रायपुर जिले की मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीरा बघेल सहित भारतीय स्टेट बैंक के अनेक अधिकारी और संघ के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

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