छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 6 लाख से अधिक मृतक समेत 27 लाख से अधिक नाम कटे, ऐसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य निर्वाचन आयोग ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस वर्ष SIR अभियान के दौरान कुल 1 करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 मतदाताओं से एनरोलमेंट फॉर्म (EF) एकत्र किए गए है। वोटर लिस्ट से 6 लाख से अधिक मृतक समेत 27 लाख 34 हजार 817 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।

27 लाख से अधिक नाम हटाए गए

राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 27 लाख 34 हजार 817 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इनमें गैर-मौजूद (Absent), स्थायी रूप से स्थानांतरित (Permanent Shifted) और मृतक (Dead) मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा, पिछली SIR में जिन मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो पाए थे या जो बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को आवश्यक दस्तावेज़ नहीं सौंप पाए थे, उनके नाम भी नए ड्राफ्ट में अलग से उल्लेख किए गए हैं।

See also  रजत वर्ष पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनियों ने मनाया रजत महोत्सव, विद्युत उपभोक्ता हुए सम्मानित

ऐसे चेक करे लिस्ट में अपना नाम

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट इलेक्ट्रॉनिक और सर्चेबल फॉर्मेट में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://ceochhattisgarh.nic.in पर उपलब्ध है। मतदाता EPIC नंबर (वोटर आईडी नंबर), जिला, विधानसभा क्षेत्र, वार्ड/गांव और बूथ नंबर के जरिए आसानी से अपना नाम खोज सकते हैं। इसके अलावा, पूरी सूची को डाउनलोड करना भी संभव है।

See also  मिड डे मील बनाने वालों के बुझे चूल्हे,  2 की हुई मौत, सरकार ने 500 रुपए बढ़ाने का दिया भरोसा, संघ ने कहा, ''मरेंगे हटेंगे नहीं''

21 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी अंतिम मतदाता सूची

निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच अपनी जानकारी की जांच करें और किसी भी त्रुटि या अपवाद के लिए दावा-आपत्ति (Claim/Objection) दर्ज कराएँ। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

See also  जांजगीर- चाम्पा जिले में ACB का एक्शन: नायब तहसीलदार और पटवारी 35 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को सचेत किया है कि सही जानकारी और वोटिंग अधिकार सुनिश्चित करने के लिए यह पुनरीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची में संशोधन और नामों का अपडेशन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य है।

Related Articles

Leave a Reply