छत्तीसगढ़

तिरंगा लगाते वक्त करंट की चपेट में आया नगर पालिका कर्मचारी, डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

मनेंद्रगढ़

देशभर में आज से तिरंगा अभियान शुरू हो रहा है। मोदी सरकार इस योजना के तहत हर घर में तिरंगा फहराना है। लेकिन तिरंगा अभियान के लिए झंडा लगाते वक्त शनिवार सुबह दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। खबर है कि बस स्टैंड स्थित यात्री प्रतिक्षालय में तिरंगा झंडा लगाते हुए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। वहीं सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम शव पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

मिली जानकारी के अनुसार नगरपालिका मनेंद्रगढ़ का दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में तिरंगा लगा रहा था। इसी दौरान वह 11 केवी तार की चपेट में आ गया। हादसे से कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई। स्तंत्रता के 75 साल पूरे होने पर हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत आज से होगी। 13 से 15 अगस्त तक यह अभियान चलाया जाएगा। ऐसे में भारतीय ध्वज तिरंगा के उपयोग और फहराने से संबंधित भारतीय ध्वज संहिता के तहत नियमों को जानना जरूरी है। तिरंगे का उपयोग और प्रदर्शन राष्ट्रीय गौरव का अपमान निवारण अधिनियम 1971 और भारतीय ध्वज संहिता 2002 के द्वारा नियंत्रित होता है।

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भारतीय ध्वज संहिता को 26 जनवरी, 2002 को संशोधित किया गया था और नागरिकों को न केवल राष्ट्रीय दिवसों पर बल्कि किसी भी दिन अपने घरों, कार्यालयों और कारखानों पर तिरंगा फहराने की अनुमति दी गई थी। नागरिकों को कानून के आधार पर राष्ट्रीय ध्वज को कैसे फहराना है, इसके बारे में नियमों और विनियमों का पालन करना होगा।

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