छत्तीसगढ़

टॉर्च की रोशनी में प्रसव, नर्स की समझदारी से बची जान, स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्था की खुली पोल

बिलासपुर : तखतपुर क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला की डिलिवरी टॉर्च के रोशनी में कराई गई. प्रसूता को डिलिवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था.लेकिन जैसे ही उसे ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया.लेकिन डिलिवरी होने के तुरंत बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बिजली चली गई. बिजली कटने के बाद दर्द में तड़पती महिला और नर्सिंग स्टाफ परेशान हो गया.

डिलिवरी होने के तुरंत बाद टांके लगाने होते हैं,लेकिन इस दौरान बिजली कट गई.ऐसे में नर्स ओटी से बाहर आई और वहां मौजूद एक शख्स से मोबाइल मांगा.नर्स ने शख्स को बताया कि डिलिवरी के बाद लाइट कट गई है,अंधेर में टांके नहीं लगाया जा सकता है इसलिए मोबाइल चाहिए. शख्स ने तुरंत नर्स को अपना मोबाइल दिया,जिसकी रोशनी से डॉक्टर ने महिला को टांके लगाएं.महिला की सूझबूझ से जच्चा और बच्चा दोनों की जान बच गई. लेकिन इस घटना ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही को उजागर कर दिया.

See also  महतारी वंदन योजना पर बड़ी खबर : महिला एवं बाल विकास विभाग ने शुरू किया e-KYC अभियान, 30 जून से पहले कराना अनिवार्य

वही मामले में तखतपुर के बीएमओ उमेश कुमार ने सफाई दी है. उमेश कुमार ने कहा कि दिन भर लाइट आ जा रही थी.ऐसे में इनवर्टर चार्ज नहीं हुआ.डिलिवरी के समय भी इनवर्टर ने साथ नहीं दिया.

मामले मे तखतपुर के जेई रचित दुआ ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में थ्री फेस कनेक्शन लगा हुआ है. जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें दिख रहा है कि एक फेस लाइट थी.स्वास्थ्य केंद्र में इनवर्टर लगा है. यदि इलेक्ट्रिशियन होता तो फेस को चेंज करके लाइट बहाल की जा सकती थी.

See also  छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में AI की एंट्री, अब तकनीक से निखरेगी बच्चों की पढ़ाई

आपको बता दें कि जिनके जिम्मे अस्पताल की जिम्मेदारी होती है,वही अपनी नाकामी को छिपाने के लिए कई तरह के बहाने बनाते हैं.यदि वक्त रहते नर्स ने समझदारी नहीं दिखाई होती तो अप्रिय घटना हो सकती थी.फिलहाल प्रसूता और उसका बच्चा स्वस्थ्य हैं.लेकिन इस तरह की घटनाओं ने सामुदायिक केंद्रों की व्यवस्था को उजागर करने का काम किया है.

See also  बेटी के जन्म पर अनोखा जश्न! कार सजाकर अस्पताल से घर तक निकली खुशियों की यात्रा

Related Articles

Leave a Reply