छत्तीसगढ़बिलासपुर

इंसानियत तार-तार, कलयुगी मां ने 2 दिन की नवजात बच्ची को तालाब में जिंदा फेंका, दम घुटने से मौत

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम नगोई के लमरीडबरी पारा से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद खौफनाक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक अज्ञात कलयुगी माँ या परिजनों ने अपनी महज एक से दो दिन की नवजात बच्ची का जन्म छुपाने और लोक-लाज के डर से उसे जीवित ही गाँव के रामसागर तालाब के पानी में फेंक दिया था, जब गाँव की महिला बृजबाई की सूचना पर कोटवार निर्मलदास मानिकपुरी ग्रामीणों के साथ तालाब पहुँचे और उन्होंने देखा की पानी के ऊपर एक नवजात शिशु का शव औंधे मुँह तैरते हुए देखा गया।

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पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जब शव को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जाँच के लिए भेजा, तो डॉक्टरों की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ कि मासूम बच्ची की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उसे जिंदा पानी में फेंकने के कारण फेफड़ों में पानी भरने और दम घुटने से उसकी तड़प-तड़प कर जान गई थी।

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इस संवेदनशील मामले में जन्म छुपाने की नीयत से की गई हत्या की पुष्टि होने के बाद, बेलगहना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है और अब क्षेत्र की मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा कोटवारों के माध्यम से नवजात को जन्म देने वाली संदिग्ध महिलाओं व स्वास्थ्य केंद्रों का रिकॉर्ड खंगालकर आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

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