छत्तीसगढ़

ग्रामीणों ने चरवाहे को पीट-पीट कर मार डाला, आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

सुकमा/बीजापुर

जिले की सरहद पर ग्रामीणों ने एक चरवाहे को पीट-पीटकर मार दिया। चरवाहे का कसूर सिर्फ इतना था कि उसके मवेशियों ने ग्रामीणों के खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचा दिया था। जानकारी के मुताबिक, सुकमा जिले के जगरगुंडा का रहने वाला अधेड़ राजेंद्र गोपाल पिछले कई सालों से मवेशी चराने का काम करता था। हर दिन जिन मवेशियों को चराने जंगल ले कर जाता था वे मवेशी तारलागुड़ा गांव के ग्रामीणों के खेतों में चले जाते थे। जिससे ग्रामीण काफी नाराज थे।

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जिसके बाद गांव वालों ने मवेशियों को बंधक बना लिया, फिर चरवाहे को गांव में बुलाकर बेरहमी से पिटाई की। जब मौत हो गई तो शव को खेत में फेंक दिया। मामला तारलागुड़ा थाना क्षेत्र का है।सूत्र बताते हैं कि, बुधवार को गांव के ही कुछ ग्रामीणों ने मवेशियों को बंधक बना लिया था। फिर राजेंद्र को गांव बुलाया गया। जब राजेंद्र पहुंचा तो उससे मारपीट की गई।

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उसे इतना मारा गया की उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या के बाद किसी को कोई शक ना हो इसलिए ग्रामीणों ने शव को खेत के पास फेंक दिया। गुरुवार को गांव के अन्य ग्रामीणों ने शव को देख इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया है। बताया जा रहा है कि, जिन्होंने चरवाहे की हत्या की है पुलिस उनका पता लगाने जुटी है। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

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