छत्तीसगढ़

बिटिया के लिए 3 भालुओं से भिड़ गया पिता : सपरिवार गए थे तेंदूपत्ता तोड़ने, तभी आ धमका भालुओं का भी परिवार

मनेन्द्रगढ़

बेटियां पिता के लिए परियों के समान होती हैं। वे अपनी बेटी की जान बचाने के लिए किसी से भी लड़ सकते हैं। ऐसी ही कहानी है पिता और बेटी की। दरअसल, एक परिवार कोरिया के वनपरिक्षेत्र कोटाडोल के जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए गया हुआ था। इस दौरान मादा भालू और उसके दो शावकों ने उनपर हमला कर दिया। बेटी को बचाते हुए पिता गंभीर रूप से घायल हो गया।

दरअसल, संतलाल सिंह अपनी पत्नी कलावती और बेटी संजना सिंह के साथ जुर्ला नदी के पास तेंदुपत्ता तोड़ने गए हुए थे। इस दौरान तीन भालुओं ने संतलाल पर हमला कर दिया। पिता को खतरे में देख बेटी चीखने लगी तो भालु ने उसपर ही हमला कर दिया। बेटी को बचाने के लिए पिता बीच में आया और भालु से भिड़ गया। इस दौरान उसके सिर और हाथ-पैर पर गंभीर चोटें आई।

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चीख-पुकार मचाने पर भागे भालू

पत्नी कलावती और बेटी संजना के चीख-पुकार मचाने पर भालू अपने शावकों के साथ वहां से भाग गई। इसके बाद उन्होंने तेंदूपत्ता तोड़ने आए लोगों की मदद से घायल संतलाल को अस्पताल में भर्ती कराया और घटना की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। प्राथमिक उपचार के बाद घायल को जिला चिकित्सालय शहडोल रेफर कर दिया गया हैं।

वन अधिकारियों ने दिया मुआवजा

शहडोल जिला अस्पताल में घायल का इलाज जारी है। वहीं सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने पीड़ित की सहायता के लिए दो हजार रुपए दिया है।

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