धमतरी पुलिस-युवक विवाद में नया मोड़ : युवक ने जारी किया वीडियो, कहा- कोई रिश्वत नहीं मांगी गई, मामला आगे नहीं बढ़ाना चाहता

धमतरी। धमतरी जिले के मुजगहन बाईपास-पोटियाडीह क्षेत्र में कुछ दिन पहले देर रात वाहन जांच के दौरान युवक और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और उसके बाद मचे विवाद के बीच संबंधित युवक किशोर ने इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है। युवक ने वीडियो में अफसोस और पछतावा व्यक्त करते हुए मामले को आगे नहीं बढ़ाने की अपील की है।
इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो में युवक ने कहा कि वह उस रात अपने परिवार के साथ फिल्म देखकर लौट रहा था। वाहन जांच के दौरान पुलिस ने उसकी बाइक रोकी। युवक के अनुसार मौके पर बैरिकेड नहीं होने के कारण उसे स्थिति उचित नहीं लगी और उसने अपनी सुरक्षा के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और उसके बीच बहस हो गई।
युवक ने स्वीकार किया कि स्थिति गरमाने पर थाना प्रभारी (टीआई) को बुलाया गया था और उसे भी सहयोग करना चाहिए था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बात बढ़ती चली गई। बाद में उसने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया
अपने वीडियो में युवक ने स्पष्ट कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा उससे किसी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी गई थी। उसने बताया कि पुलिस द्वारा मांगे गए पहचान संबंधी दस्तावेज वह जमा कर चुका है। युवक ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद कई एडिटेड वीडियो और तरह-तरह की टिप्पणियां सामने आने लगीं, जिससे मामला अनावश्यक रूप से बढ़ गया।
युवक ने कहा कि अब वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहता और न ही किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई की मांग कर रहा है। उसने लोगों से अपील की कि इस घटना से जुड़े नए वीडियो या भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें। युवक ने यह भी कहा कि वह यह बयान किसी दबाव में नहीं बल्कि अपनी इच्छा से दे रहा है।
गौरतलब है कि वायरल वीडियो के बाद धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने मामले की जांच के लिए तीन डीएसपी की विशेष समिति गठित की थी। समिति में डीएसपी मोनिका मरावी, डीएसपी भानु प्रताप चंद्राकर और डीएसपी यशकरण ध्रुव को शामिल किया गया था। जांच के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों और युवक को नोटिस भी जारी किया गया था।
युवक के नए वीडियो के सामने आने के बाद माना जा रहा है कि विवाद अब शांत होने की ओर बढ़ सकता है। हालांकि मामले में अंतिम स्थिति जांच समिति की रिपोर्ट और पुलिस प्रशासन के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।




