ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेस पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग, 9 लोगों की मौत, कई घायल

नई दिल्ली/नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा हो गया. स्लीपर बस में भीषण आग लग गई. इस घटना में 9 लोगों की मौत हो चुकी है. बताया जा रहा है कि जब हादसा हुआ तब बस में करीब 30 से ज्यादा लोग सवार थे. इनमें से कई लोग आग में बुरी तरह से झुलस गए. फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बस में लगी आग को बुझाया.
जेवर पुलिस के अनुसार, इस दुखद घटना में एक महिला और 8 पुरुषों समेत 9 लोगों की मौत हो गई है. जानकारी के अनुसार, यमुना एक्सप्रेस-वे पर चलती टूरिस्ट बस में अचानक से आग लग गई. ये आग नोएडा से करीब 33 किलोमीटर आगे जेवर कार्गो एयरपोर्ट के पास लगी. आग लगते ही बस में अफरातफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई यात्रियों ने चलती बस से कूदकर जान बचाई, लेकिन बस के ऊपरी हिस्से में बैठे यात्री बाहर नहीं निकल पाए. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया.
सूचना मिलते ही जेवर पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. फायर कर्मियों ने बस के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. आग इतनी भीषण थी कि पूरी बस जलकर खाक हो गई. बस कश्मीरी गेट दिल्ली से यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते महोबा जा रही थी. पुलिस द्वारा तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन करते हुए 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. पुलिस टीम व फायर सर्विस यूनिट द्वारा धुएं के मध्य अथक प्रयास करते हुए बस के अंदर जाने पर ज्ञात हुआ कि उक्त घटना में 09 व्यक्ति बस के अंदर जलने व दम घुटने के कारण मृत अवस्था में मिले.
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बस के एसी में स्पार्क/ब्लास्ट होने के कारण बस के इंजन लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगकर तेजी से फैल गई. पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है. फिलहाल पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर यातायात को नियंत्रित कर दिया है और जली हुई बस को हटाने का काम जारी है. मृतकों की पहचान और घायलों की जानकारी जुटाई जा रही है. इस घटना के संबंध में सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत करते हुए चालक व परिचालक को हिरासत में लिया गया है. अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.
एक यात्री ने बताया कि जब मैं सो रहा था, तो किसी ने मुझे जगाकर बताया कि बस में आग लग गई है, और हम सब बाहर निकलने के लिए हड़बड़ी में भागे. वहां से निकलना आसान नहीं था. बहुत ज़्यादा धुआं था. घबराहट के बीच हम किसी तरह बाहर निकल पाए. बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी.
एक अन्य यात्री ने बताया कि मैं सो रहा था तभी किसी ने दरवाज़ा खटखटाया. जब मैं जागा, तो वहां पहले से ही बहुत भीड़ थी. मैंने अपना कोई सामान नहीं उठाया. यहां तक कि जूते भी नहीं पहने. बस अपना फ़ोन लिया और बाहर निकल आया. इतनी भीड़ थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का-मुक्की कर रहे थे. मुझे भी धक्के लगे और आख़िरकार किसी ने मुझे बाहर खींच लिया. उसके बाद मुझे कुछ भी याद नहीं. चारों तरफ़ धुआं ही धुआं था.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में हुई सड़क दुर्घटना का संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों से बात की और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. सीएम ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.




