छत्तीसगढ़

दंतेवाड़ा में 2 नक्सलियों ने किया सरेंडर, लोन वर्राटू अभियान से थे प्रभावित

दंतेवाड़ा

नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में संचालित लोन वर्राटू अभियान (घर वापस आईये अभियान) से प्रभावित दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. डीआरजी कार्यालय दंतेवाड़ा पहुंचकर दोनों नक्सलियों ने दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय के समक्ष सरेंडर किया है. दंतेवाड़ा एसपी ने समर्पित दोनों नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास योजना के तहत प्रोत्साहन राशि और योजना का लाभ दिए जाने की बात कही है.

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दोनों नक्सली मलांगेर एरिया कमेटी के सदस्य : छत्तीसगढ़ शासन की “पुनर्वास नीति” और “लोन वर्राटू अभियान” (घर वापस आईये अभियान) से प्रभावित थे. नक्सलियों के भेदभाव और स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर मंगलवार को दोनों नक्सलियों ने मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में मलांगेर एरिया कमेटी के प्रतिबंधित नक्सली संगठन में नीलावाया पंचायत मिलिशिया सदस्य गंगा मड़काम निवासी सुकमा और नीलावाया पंचायत सीएनएम सदस्य आयतु मड़काम निवासी दंतेवाड़ा हैं. दोनों ने दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय के समक्ष डीआरजी कार्यालय दंतेवाडा में आत्मसमर्पण किया है.

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आत्मसमर्पित दोनों नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास योजना के तहत 25-25 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि और मिलने वाले सभी प्रकार का लाभ प्रदाय कराया जायेगा.” – गौरव राय, एसपी, दंतेवाड़ा

दरअसल, जिले में दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 174 ईनामी नक्सली सहित कुल 688 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. सरेंडर करने काे बाद ये सभी अब समाज के मुख्यधारा से जुड़कर रह रहे हैं.

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