छत्तीसगढ़

जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर सदन में हंगामा, कांग्रेस ने लाया स्थगन प्रस्ताव, सत्यमेव जयते की लहराई तख्तियां

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन सोमवार को तीखे हंगामे के साथ शुरू हुआ. प्रश्नकाल से पहले ही सदन का माहौल तब गरमा गया, जब कांग्रेस विधायक मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में ‘सत्यमेव जयते’ की तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे.इसके साथ ही जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया,जिसे अस्वीकार कर दिया गया. इसके बाद कांग्रेस के विधायकों ने विरोध किया. सदन में लगातार हंगामे के कारण कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर दिया गया.

जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही सरकार

पाटन विधायक भूपेश बघेल ने कहा कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में सभी कांग्रेस के विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव दिया था कि किस प्रकार से सेंट्रल एजेंसियों का दुरुपयोग सरकार कर रही है. चाहे वो ईडी हो,आईटी हो, सीबीआई हो या फिर स्टेट की एजेंसी ईओडब्लू हो. सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने की कोशिश जा रही है. ये अभी से नहीं बल्कि पिछले 12 साल से यही हो रहा है.

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कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के खिलाफ झूठे आरोप

भूपेश बघेल ने कहा कि हमारे केंद्रीय नेता इनके खिलाफ ईडी का नोटिस भेजा गया. कई घंटे पूछताछ की गई और बेल लेने के लिए बाध्य किया गया. 12 साल बाद न्यायालय ने ईडी के चालान को स्वीकार नहीं किया.कोर्ट ने कहा कि ये चलने योग्य ही नहीं है. ईडी कोर्ट ने कहा कि सोनिया,राहुल और खड़गे के खिलाफ जो चार्जशीट पेश किया है वो चलने योग्य नहीं है. इतने सालों तक सत्ता पक्ष ने लोगों के बीच ये झूठ भी फैलाया कि ये सभी लोग बेल पर बाहर है. इसी तरह का काम छत्तीसगढ़ में भी हुआ है. जिसमें केंद्रीय एजेंसियों ने कई नेताओं और अफसरों पर झूठे केस लगाकर उन्हें परेशान किया है.

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कांग्रेस के प्रमुख दावे

• कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार की बदनीयत और कथित गैरकानूनी कार्रवाई अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है.
• अदालत ने यंग इंडियन मामले में कांग्रेस नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को अवैध और दुर्भावना से ग्रसित माना है.
• कांग्रेस के अनुसार अदालत ने यह भी कहा कि ईडी का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है और बिना एफआईआर कोई केस नहीं बनता.
• पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक से मुख्य विपक्षी दल के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई की जा रही है.
• कांग्रेस का दावा है कि मनी लॉन्ड्रिंग, अपराध की आय या संपत्ति के हस्तांतरण का कोई ठोस आधार नहीं है और आरोप निराधार हैं.

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