छत्तीसगढ़

नाली निर्माण में भ्रष्टाचार,इंजीनियर सचिव के बाद अब सरपंच पर गिरी गाज, जांच पूरी होने तक एसडीएम ने किया निलंबित

सोनहत/कोरिया नाली निर्माण में भ्रष्टाचार की खबरें समाचार पत्रों में उजागर होने के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया और मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए पहले सचिव को निलंबित किया गया एवं इसके बाद संबंधित तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई और अब सरपंच को मामले की जांच पूरी होने तक एसडीएम श्री राकेश साहू ने निलंबित करते हुए भ्रष्टाचारियों को सख्त चेतावनी देने की कोशिश की गई है कि किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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पूरा मामला सोनहत विकासखंड के ग्राम पंचायत कैलाशपुर में हुए नाली निर्माण का है जहां संबंधित निर्माण एजेंसी ने नाली निर्माण के दौरान घोर अनियमितता बरतते हुए बिना सरिया के ही नाली का निर्माण कर दिया जिसकी भनक लगते ही पर सर्वप्रथम मानस वार्ता ने 15 जुलाई को खबर प्रमुखता से प्रकाशित की इसके बाद 16 जुलाई को और भी समाचार पत्रों में उक्त खबर का प्रकाशन हुआ जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और तत्काल जाँच एजेंसी भेज कर संबंधित निर्माण की जांच कराई गई जिसमें भारी अनियमितता पाई गई जिस पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सचिव राम प्रकाश साहू को निलंबित कर दिया एवं कुछ दिनों बाद तकनीकी सहायक श्री सुरेश कुर्रे की सेवा समाप्त कर दी एवं सरपंच के लिए एसडीएम न्यायालय में कार्यवाही हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा पत्र भेजा गया था जिसकी जांच करते हुए कल दिनांक को एसडीएम श्री राकेश साहू के द्वारा संबंधित सरपंच श्रीमती रूपवती को छः. ग. पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा-39(1) के प्रावधानों के तहत न्यायालय में संस्थित प्रकरण के निराकृत होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

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जवाब के दौरान अनियमितता व लापरवाही को सरपंच ने स्वीकारा

आप बता दें कि सरपंच के द्वारा प्रस्तुत किए गए जवाब में उनके द्वारा उक्त कार्य में सरिया एवं वाइब्रेटर का उपयोग नहीं होना उक्त कार्य रोजगार सहायक को तकनीकी सहायक के देखरेख में किया जाना तथा दिनांक 23/072024 के आदेश अनुसार जेसीबी के माध्यम से तोड़े जाने का उल्लेख करते हुए उसे कार्य में जो गलती हुई है उसे स्वीकार करती हूं का लेख किया है एवं उक्त अनियमितता व लापरवाही को भी स्वीकारा है।

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