छत्तीसगढ़

रास्ता भटकी युवती को घर छोड़ने के बहाने ऑटो चालक ले गया सुनसान मकान, फिर लूटी उसकी अस्मिता

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां भरोसे का चेहरा ही दरिंदगी में बदल गया। घर का रास्ता पूछकर मदद मांगने वाली एक युवती को ऑटो चालक ने सुरक्षित पहुंचाने के बजाय सुनसान मकान में ले जाकर उसकी अस्मिता को रौंद दिया। दो दिन तक लापता रहने के बाद जब पीड़िता मिली, तो उसकी आपबीती ने पुलिस और परिजनों को झकझोर कर रख दिया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पंकज पांडे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। यह पूरा मामला कबीर नगर थाना क्षेत्र का है।

See also  VB-G RAM G योजना को लेकर छत्तीसगढ़ में असंतोष, हड़ताल के मूड में 12 हजार मनरेगा कर्मचारी, सरकार के सामने रखीं ये मांगें

जानकारी के अनुसार, पीड़िता 23 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे घर से बिना बताए निकल गई थी। इसके बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट कबीर नगर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 20/26 कायम कर उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान 25 अप्रैल 2026 को पीड़िता मिली। पूछताछ में उसने बताया कि रास्ता भटकने के कारण वह कबीर नगर के यदुवंशी चौक स्थित तालाब किनारे पहुंच गई थी।

See also  200 टन मलबे की प्रोसेसिंग से निकले 5 बेशकीमती हीरे, CM साय ने कहा- प्रदेश के विकास को मिलेगा नया आयाम

रात करीब 8 से 9 बजे युवती ने एक ऑटो रुकवाया और ऑटो वाले को अपने घर छोड़ने को बोली तो ऑटो वाला “छोड़ दूंगा” कहकर ऑटो में बिठाया और पीड़िता को उसके घर नहीं ले जाकर दूसरे घर में ले गया, जहां पर कोई नहीं था। इसके बाद पीड़िता को जबरदस्ती घर के अंदर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर कबीर नगर थाना में बीएनएस की धारा 137(2), 64(2), 351(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र संदीप पटेलने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर राहुल देव शर्मा और ईशु अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कबीर नगर ने विशेष टीम गठित की। इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास साक्ष्य एकत्र कर आरोपी की तलाश की और 25 अप्रैल 2026 को घेराबंदी कर ऑटो चालक पंकज पांडे (पिता लालचंद पांडे, उम्र 35 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया।

See also  मौत के साए में पढ़ाई: जर्जर स्कूल भवनों में बैठने को मजबूर बच्चे, कई शासकीय स्कूलों का खस्ताहाल

Related Articles

Leave a Reply