जांजगीर चांपा

वेतन विसंगति दूर करने मुख्यमंत्री के नाम लिपिक संगठन ने सौंपा ज्ञापन

जांजगीर-चांपा
छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संगठन 2060/08 जांजगीर के द्वारा कलेक्टर परिसर में उपस्थित होकर प्रदर्शन करते हुए माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं सचिव सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय रायपुर को जिला कलेक्टर जांजगीर द्वारा ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौंपा गया।


संगठन के प्रदेश सचिव श्री प्रवीण दुबे ने बताया की छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिपिक वर्षों से अपनी वेतन विसंगति के पीड़ा को झेल रहे हैं। तृतीय श्रेणी के संवर्गो में सबसे कम वेतनमान लिपिकों का ही है, जबकि लिपिकों के कार्य एवं दायित्व अन्य संवर्गो की तुलना में अधिक है। कार्य एवं दायित्व अधिक परंतु वेतनमान कम, यही लिपिकों की पीड़ा है। वर्तमान में लिपिक संवर्ग का वेतनमान चतुर्थ श्रेणी से मात्र 100 रूपये अधिक है। लिपिकों को सम्मानजनक वेतन की मांग संघ द्वारा लगातार की जा रही है।

जांजगीर चांपा अध्यक्ष विशाल वैभव ने बताया कि 17 फरवरी 2019 को त्रिवेणी भवन बिलासपुर में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के उपस्थिति में आयोजित लिपिक महाधिवेशन में मुख्यमंत्री ने लिपिकों की पीड़ा को सुना एवं समझा और मंच से लिपिक वेतनमान सुधार करके वेतन विसंगति दूर करने की घोषणा की। जिससे प्रदेशभर के लिपिकों में अपने सम्मानजनक वेतनमान प्राप्ति की आशा का संचार हुआ है।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा पर मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा अग्रिम कार्यवाही हेतु सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देशित किया है, परंतु लिपिक वेतन मान सुधार की घोषणा पर क्रियान्वयन नहीं हुए हैं। संघ द्वारा आज 7 अगस्त 2021 को प्रदेश व्यापी समस्त जिलों में भोजन अवकाश में जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर ध्यानाकर्षण प्रस्तुत किया गया। जल्द ही मांग पूरा नहीं किया गया तो संगठन द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।

आज के ज्ञापन कार्यक्रम में एस. के. यादव, श्रीमती लता पकवासा, के. के. पांडे, उमेश साहू, अविनाश खंडेल, शिवानंद राठौर, हरनारायण मानसर, भोले नाथ यादव, आरके करियारे, यू.डी. मानिकपुरी एवं जिले के अन्य लिपिक कर्मचारी उपस्थित थे।

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